अल्मोड़ा। एशिया प्रशांत ग्रीन फेडरेशन (एपीजीएफ) की हुई वर्चुअल बैठक ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय की अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी को ग्लोबल ग्रीन में प्रतिनिधित्व के लिए चुना गया है। स्निग्धा तीन वर्षों तक इस पद पर कार्य करेंगी।
एशिया प्रशांत ग्रीन फेडरेशन में शामिल सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की रविवार को हुई वर्चुअल बैठक में स्निग्धा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। एपीजीफ में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ईराक, लेबनान, मंगोलिया, ताईवान, भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश सहित 21 देश शामिल हैं।
इससे पूर्व एक वर्ष के लिए स्निग्धा तिवारी इस फेडरेशन की संयोजक भी चुनी गई थीं। ग्लोबल ग्रीन दुनिया में जलवायु परिवर्तन, सामाजिक न्याय, दुनिया से भूख को समाप्त करने, पर्यावरणीय ज्ञान, विविधताओं के संरक्षण उनके प्रति सम्मान, संतुलित विकास, जन भागीदारी वाले जीवन तंत्र की स्थापना के लिए सक्रिय प्रयास और वैश्विक अभियानों का संचालन करता है।
ग्लोबल ग्रीन में एपीजीएफ की तरह अमेरिका, यूरोप और अफ्रीकी देशों के चार फेडरेशन हैं। इन चार फेडरेशनों से चुने गए 24 प्रतिनिधि ग्लोबल ग्रीन के दो वैश्विक महाधिवेशन के बीच इसका नेतृत्व करते हैं। ग्लोबल ग्रीन से जुड़ी राजनीतिक पार्टियों के दुनिया के कई देशों के सांसद, राज्यों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि हैं। यूरोप के कई देशों की सरकारों में उनकी भागीदारी है। स्निग्धा तिवारी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी की पुत्री हैं।