बागेश्वर। जिले में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। रात से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचलों में बारिश होने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। छह सड़कों पर यातायात बाधित है। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
शनिवार की देर रात से जिले में बारिश शुरू हुई थी। इस दौरान कपकोट में सबसे अधिक 58 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय में सुबह के समय बारिश रुकी थी। हालांकि दोपहर बाद से लगातार बारिश हो रही है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह 12 सड़कों पर यातायात बाधित था। शाम तक छह सड़कों पर यातायात सुचारू हो गया था।
वर्तमान में धैना बैंड से लोहारी-सिल्ली, खातीगांव-देवतोली, काफलीकमेड़ा, भयूं-गडेरा और कपकोट-पोलिंग-हरसीला सड़क बंद है। इन सड़कों से आवाजाही करने वाले ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कपकोट क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी 866.30 मीटर पर बह रही है।
मकान और आंगन को नुकसान
लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण अंचलों में आवासीय भवनों को भी नुकसान हो रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट के नान कन्यालीकोट निवासी जीवन प्रसाद पुत्र हर राम का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। चलकाना गांव निवासी नारायण सिंह पुत्र चनर सिंह के मकान के आंगन को भी नुकसान हुआ है।
मलबे से निर्माणाधीन भवन की दीवार क्षतिग्रस्त
कपकोट के ग्राम पंचायत कालो में बारिश के दौरान भूस्खलन होने से निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पाटी तोक में एक साल पहले पेयजल टैंक और पुल भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गए थे। अब तक उनकी सुध नहीं ली गई। अब अस्पताल को भी बनने से पहले की खतरा हो रहा है।
कोट
बंद सड़कों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
प्रवीण गोस्वामी, प्रभारी आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर
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