डीनापानी क्षेत्र में ओलों से पटी सड़क।
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ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार और सोमवार देर रात हुई ओलावृष्टि से सब्जी और फलों के पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। काश्तकारों ने शासन-प्रशासन से ओलावृष्टि से हुई क्षति का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
ओलावृष्टि से लमगड़ा ब्लाक के गौलीमहर, धूरासंग्रोली, चायखान, कपकोट, तिवारीजाख, ठाट, शहरफाटक, मोतियापाथर, मोरनौला आदि क्षेत्रों में आलू, मटर, गोभी आदि सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है, वहीं फलों के पेड़ों पर इन दिनों फूल आए थे, ओलावृष्टि से फूल झड़ गए हैं। जिससे भविष्य में फलों का उत्पादन प्रभावित होगा।
डीनापानी क्षेत्र में भी काफी ओले गिरे और ओलों की सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से डीनापानी, मैचोड़ आदि क्षेत्रों में फलों के पेड़ों में आए फूल गिर गए, वहीं सब्जी को भी नुकसान हुआ है। मैचोड़ की प्रधान आशा मेहता ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा है कि गत दिवस हुई ओलावृष्टि से फसल और उद्यानों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसी तरह आजीविका चला रहे गरीब किसानों पर ओलावृष्टि की मार पड़ी है। यदि प्रभावित कृषकों को मुआवजा नहीं मिला तो वह भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। धौलादेवी ब्लॉक में भी कई इलाकों में ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। फलों के पेड़ों में आए फूल गिर गए। गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है।