अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते राज्यसभा सासंद प्रदीप टम्टा आदि।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा है कि बागेश्वर जिले के बास्ती में हुई विषाक्त भोजन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र तैयार नहीं है। जिला मुख्यालय के अस्पतालों तक पर्याप्त डॉक्टर तैनात नहीं हैं। सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के साथ ही कुमाऊं और गढ़वाल के लिए एक-एक एयर एंबुलेंस तैनात करनी चाहिए। शिखर होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए टम्टा ने कहा कि बास्ती गांव की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर पता लगाया जाए कि कैसे भोजन विषाक्त हुआ। उन्होंने बीमारों को पर्याप्त उपचार देने और मृतकों को मुआवजा देने की मांग सरकार से की है।
टम्टा ने कहा कि बास्ती गांव के समीप अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिला मुख्यालय के अस्पताल थे, इसके बावजूद सुविधाओं के अभाव में बीमारों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाया। जिला मुख्यालय का स्वास्थ्य महकमा तक ऐसी आपदाओं को झेलने के लिए तैयार नहीं है, जबकि ऐसी स्थिति में बेरीनाग और बागेश्वर के डॉक्टरों ने अच्छा काम किया। उन्होंने ने कहा कि 29 नवंबर को बास्ती में घटना हुई, यदि शासन तंत्र समय से सजग हो जाता और 30 नवंबर को ही एयर एंबुलेंस की व्यवस्था हो जाती तो लोगों की जान बच सकती थी।
उन्होंने कहा कि विवाह के सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग को सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा के जिला और बेस अस्पताल में तक फिजीशियन नहीं हैं। डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं दम तड़ रही हैं। ट्रामा सेंटरों में तक डॉक्टर नहीं हैं। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, प्रमोद कुमार, मोहन सिंह सिंगवाल, पूरन रौतेला, तारा चंद्र जोशी भी मौजूद थे।