एड्स के साथ जी रहे मासूमों की व्यथा अमर उजाला में प्रमुखता से छपने के बाद कई संगठन बच्चों के सहयोग को आगे आए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने भी इस खबर को गंभीरता से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली है। पूर्व सैनिक लीग ने भी पूर्व सैनिक के इन बच्चों को पेंशन दिलाने में सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।
अमर उजाला ने 23 जुलाई के अंक में भनोली तहसील के एक गांव के एड्स के साथ जी रहे दो बच्चों की व्यथा छापी थी। डीएम ने भी एड्स प्रभावितों की मदद को संगठनों से आगे आने का आह्वान किया था। अमर उजाला की पहल के बाद मासूमों की मदद को कई लोग आगे आए हैं। स्वयं सेवी संस्था दीया सोसायटी फॉर डेवलपमेंट की अध्यक्ष मंजू बिष्ट ने डीएम को पत्र देकर दोनों बच्चों और इस बीमारी से मुक्त उनकी बड़ी बहन की शिक्षा, कपड़े, भरण-पोषण आदि में आने वाले खर्च उठाने का भरोसा दिया है।
इधर डीएम बंसल ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। डीएम ने पांचवीं पास दोनों बच्चों को फिर से स्कूल भिजवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एड्स कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की स्कूलिंग की जरूरी प्रक्रिया शुरू करें। डीएम ने कहा कि तीनों बच्चों को हरसंभव सहयोग देकर समाज की मुख्यधारा में शामिल कराने को गंभीरता से प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बच्चों की व्यथा समाज के सामने लाने की अमर उजाला के प्रयासों की सराहना की। पूर्व सैनिक लीग ने बैठक कर सैनिक आश्रित नाबालिग बच्चों को पेंशन दिलाने में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।