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हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की

Wed, 05 Sep 2018 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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1953 में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर रानीखेत बाजार में मेले का दृश्य। - फोटो : अमर उजाला
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व का समापन यहां भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ। विभिन्न स्थानों पर सजी झांकियों को पूरे बाजार में घुमाया गया। बाहर से आई टीमों ने झांकी प्रदर्शनी के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद रही। कृष्ण जन्माष्टमी मेले के अवसर पर नगर के युवाओं ने कई स्थानों पर झांकियां सजाई थीं।
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इन झांकियों का डोले के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। शोभा यात्रा में विवेकानंद विद्या मंदिर और कैंट इंटर कालेज सहित तमाम विद्यालयों के बच्चे आगे से बैंड वादन करते हुए चल रहे थे। शोभा यात्रा को नगर के तमाम संभ्रांत और अन्य नागरिकों ने सहयोग किया साथ ही बच्चों के प्रोत्साहन के लिए आगे आने की अपील की गई।

उधर, ताड़ीखेत में भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के मौके पर डोला निकाला गया। मजखाली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ग्रीन वुड पब्लिक जूनियर हाईस्कूल नैनी मजखाली के बच्चों ने योगाचार्य राकेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में योगासन का प्रदर्शन किया। 
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