ओलों से बर्बाद हुई मटर की फसल।
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शनिवार, रविवार और सोमवार को हुई ओलावृष्टि ने क्षेत्र के सब्जी उत्पादक काश्तकारों की कमर तोड़कर रख दी है। सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर ग्वाड़ स्टेट में 20 क्व़िटल से अधिक मटर की तैयार फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा आम और अखरोट के बौर झड़ गए, खुबानी, प्लम, आडू पर भी आसमानी आफत कहर बनकर टूटी है। उधर, गगास घाटी में भी सब्जियों को खासा नुकसान हुआ है। काश्तकारों ने प्रशासन से मौका मुआयना कर मुआवजा देने की मांग की है।
सब्जी उत्पादन के लिए रानीखेत का ग्वाड़ स्टेट मशहूर है। यहां के किसान सब्जी का उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं, लेकिन शनिवार, रविवार को हुई भारी और सोमवार को हल्की ओलावृष्टि सब्जियों और फलों पर कहर बनकर टूटी। बुजुर्ग काश्तकार हरीश चंद्र भगत ने बताया कि प्याज, लहसुन, तुरई, करेले, ककड़ी, लौकी, कद्दू के अलावा आलू, टमाटर, बैगन, फूलगोभी, बीन्स आदि सब्जियां पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
बड़ी मेहनत से सब्जियां बोई गई थीं, इस साल उत्पादन भी अच्छा हो रहा था। किसान गिरीश भगत, किशोर भगत, विपिन भगत, मनोज भगत, संजय भगत, पंकज भगत आदि ने कहा कि मेहनत पूरी तरह से ओलों ने बर्बाद कर दी है। काश्तकारों ने अच्छी संख्या में मटर बोई थी, फसल पककर तैयार हो चुकी थी। तकरीबन 20 क्व़िटल से अधिक मटर की फसल ओलों की भेंट चढ़ गई है। यहां लाखों रुपये की सब्जियां और फल बर्बाद होने का अनुमान है। गगास घाटी के किसान राजेंद्र बिष्ट ने बताया कि वहां भी सब्जियां पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।