पौध रोपण के लिए जंगल में गड्ढे खोदते लोग।
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तहसील क्षेत्र के अर्जुनराठ और भानाराठ के ग्रामीणों की ‘मेरा गांव मेरा जंगल’ मुहिम जारी है। ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में पौधरोपण के लिए स्थानीय जंगल में गड्ढों का खुदान शुरू कर दिया है। आज पहले दिन ग्रामीणों ने बड़सैल के जंगल में करीब 250 गड्ढे खोदे।
अमर उजाला फाउंडेशन के गगास नदी बचाओ अभियान से प्रेरणा लेकर अर्जुनराठ और भानराठ गांव के ग्रामीणों ने ‘मेरा गांव-मेरा जंगल’ अभियान के तहत क्षेत्र का जंगल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है। विश्व पर्यावरण दिवस से ग्रामीणों ने दुर्गड़िया, छिड़यां, बड़सैल के
जंगल से चारा पत्ती, लकड़ी का कटान और गधेरों में खनन प्रतिबंधित कर रखा है। ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि दोनों गांवों का हर परिवार जंगल में पौधरोपण करेगा। जंगल में पौधरोपण के लिए प्रत्येक परिवार 50 गड्ढे खोदेगा।
ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह छह से आठ बजे तक बड़सैल के जंगल में करीब 250 गड्डे खोदे। इनमें जुलाई में चौड़ी पत्ती प्रजाति के बांज, उतीश आदि के पौधे रोपे जाएंगे। रोपे गए पौधों का संरक्षण भी ग्रामीण करेंगे। गड्डे खुदान में शिवेंद्र बोरा, त्रिभुवन बोरा, मनोज बोरा, ठाकुर सिंह बोरा, नरेंद्र बोरा, संजय बोरा, दीवान बोरा, गौरव बोरा, मनमोहन बोरा, सुरेश बोरा, भुवन बोरा आदि ने भाग लिया।