फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लटक गई है जागेश्वर में झील निर्माण की योजना

Tue, 11 Oct 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
 प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थली जागेश्वरधाम के सुंदरीकरण और क्षेत्र के विकास को राजनेताओं द्वारा सालों पूर्व की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। लोग सालों से मंदिर के पास से होकर बहने वाली जटागंगा नदी में झील बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री हरीश रावत ने झील बनाने की घोषणा की थी पर अब सरकार ने इस प्रस्ताव से हाथ खींच लिए हैं। सरकार का कहना है कि पुरातत्व विभाग से अनुमति नहीं मिल पाने के कारण नदी पर झील बनना संभव नहीं है। अब जटागंगा नदी में झील बन पाने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन

जागेश्वर धाम को द्वादश ज्योर्तिलिंगों में एक माना जाता है, लेकिन जागेश्वर में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए कुछ काम नहीं किया गया है। 2003 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन ने जागेश्वर पहुंच

कर यहां के विकास के लिए योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत जटागंगा नदी में झील निर्माण भी प्रस्तावित था। श्रद्धालु जटागंगा नदी में स्नान करने के बाद पवित्र माने जाने वाले जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। मंदिर से ही कुछ दूरी पर इसी नदी में श्मशानघाट भी है। गर्मी के समय पानी की कमी के चलते शवदाह में काफी परेशानी रहने के साथ ही गंदगी रहती है। तत्कालीन एनडीए सरकार हटने के बाद पर्यटन मंत्री द्वारा बनाई गई योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
विज्ञापन


इधर 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन पर जागेश्वर में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जटागंगा नदी में झील बनाने की घोषणा की थी। सीएम ने कहा था कि झील बन जाने से पर्यटन के साथ की नदी तट पर संपन्न होने वाले धार्मिक कर्मकांडों, शवदाह के साथ ही पेयजल किल्लत से निजात मिलेगी, लेकिन घोषणा को अमली जामा पहनाना तो दूर खुद सीएम ने ही हाथ खड़े कर दिए हैं। गत दिवस योग महोत्सव के समापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तो झील बनाने को गंभीर है पर पुरातत्व विभाग के अड़ंगे के चलते यह काम संभव नहीं है। लोगों का कहना है कि सरकार चाहे तो मंदिर से थोड़ा दूर झील का निर्माण कर सकती है। सरकार के ढुलमुल रवैये से अब झील निर्माण का प्रस्ताव फिर से ठंडे बस्ते में चला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें