मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उम्मीद जताई कि डीनापानी में स्थापित नंदादेवी
सेंटर फॉर एक्सिलेंस हैंडलूम एंड नेचुरल फाइबर से काफी लोगों को रोजगार
मिलेगा। उन्होंने कहा कि परंपरागत हस्तशिल्प आजीविका का बेहतर साधन है।
हैंडलूम के क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने को सरकार सेंटर को
हर संभव सहयोगी देगी।
गत दिवस हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत
ने कहा कि पंचाचूली वीमन वीवर्स की संचालिका मुक्ति दत्ता के सहयोग से
विकसित किए जा रहे इस सेंटर में उत्तराखंड की महिलाओं को हथकरघा का
प्रशिक्षण देने और उत्पादन शुरु करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस केंद्र में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर निकाले
जाएंगे जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों को हथकरघा आदि की ट्रेनिंग
देंगे और लोग सोसाइटी तथा समूह के जरिये अपना कारोबार शुरु कर सकेंगे।
उन्होंने इस तरह के दो हजार महिला ट्रेनर और एक हजार पुरुष ट्रेनर
प्रशिक्षित करने की बात कही।
श्रम और दुग्ध विकास मंत्री हरीश दुर्गापाल ने
कहा कि डीनापानी में इस सेंटर के खुल जाने के बाद राज्य में हथकरघा विकास
को नए आयाम मिलेंगे। क्षेत्रीय विधायक और संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने
मुख्यमंत्री और अन्य लोगों का आभार जताते हुए कहा कि इस सेंटर के बनने के
बाद आसपास की सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिल सकेगा। प्रमुख सचिव
मनीषा पवार ने सेंटर की कार्य प्रणाली और जरूरतों के बारे में जानकारी दी।
पंचाचूली वीमन वीवर्स की संचालिका मुक्ति दत्ता ने कहा कि वह अपनी संस्था
की ओर से सभी संसाधन सेंटर ऑफ एक्सिलेंस को उपलब्ध कराएंगी। कार्यक्रम का
संचालन उद्योग विभाग के अपर निदेशक सुधीर नौटियाल ने किया।
इस मौके पर
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, दायित्वधारी धरम सिंह मेहरा, बिट्टू
कर्नाटक, राजेंद्र बाराकोटी, एके सिकंदर पवार, दुग्ध संघ अध्यक्ष दीप सिंह
डांगी, प्रभात साह गंगोला, तारा चंद्र जोशी, राजेश बिष्ट, अमरनाथ रावत,
त्रिलोचन जोशी, रजनी टम्टा, दिनेश पिलख्वाल, दीपक मेहता, जिलाधिकारी सबिन
बंसल, सीडीओ प्रकाश चंद्र, एडीएम इला गिरी, एसडीएम रिंकू बिष्ट, अनिल
चन्याल, एपी बाजपेयी आदि मौजूद थे।