दुग्ध संघ पातालदेवी में आयोजित बैठक में मौजूद प्रबंध समिति के सदस्य।।। संवाद
अल्मोड़ा। अनियमितता के आरोप के बाद दो माह पूर्व भंग की गई दुग्ध संघ की प्रबंधन समिति के फिर से गठन के लिए न्यायालय के आदेश के बाद इस पर चर्चा हुई। सदस्यों का पक्ष जानने के लिए प्रशासक सीडीओ अंशुल सिंह की मौजूदगी में वोटिंग हुई। आधे सदस्यों ने समिति भंग करने के लिए हामी भरी वहीं आधे से एक अधिक सदस्यों ने समिति को भंग ना करने के लिए वोट डाला। अब प्रशासक इसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे जिसके बाद इस पर अंतिम निर्णय आएगा।
सोमवार को पाताल देवी स्थित दुग्ध संघ में प्रशासक सीडीओ अंशुल सिंह की अध्यक्षता में प्रबंधन समिति के सदस्यों की बैठक हुई। सीडीओ ने सदस्यों का पक्ष जानने के लिए वोटिंग का निर्णय लिया जिसमें समिति के 128 में से 113 सदस्यों ने भाग लिया। 56 सदस्यों ने प्रबंधन समिति को भंग करने के पक्ष में वोटिंग की तो 57 सदस्यों ने इसे भंग ना करने की बात कही। ऐसे में प्रशासक किसी भी निर्णय में नहीं पहुंच सके। सीडीओ अंशुल सिंह ने कहा कि यह मामला न्यायालय में चल रहा है। सोमवार को हुई वोटिंग की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
यह है मामला
अल्मोड़ा। दुग्ध संघ की प्रबंधन समिति पर यहां तैनात कर्मचारियों के वेतन में बगैर निदेशालय के अनुमोदन के वृद्धि करने का आरोप है। आरोप है कि प्रबंधन समिति को अधिकार न होने के बावजूद भी उसने यह निर्णय लिया था। इसे वित्तीय अनियमितता बताते हुए करीब दो माह पूर्व निदेशालय ने प्रबंधन समिति को भंग कर दिया था। तब सीडीओ अंशुल सिंह को इसका प्रशासक नियुक्त किया गया था। इस निर्णय के खिलाफ प्रबंधन समिति ने न्यायालय की शरण ली है।