अल्मोड़ा। नगर के मालरोड में बन रही पार्किंग के निर्माण के दौरान यहां स्थित मंदिर का कुछ हिस्सा और कुटिया क्षतिग्रस्त करने के मामले में केमू के पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही पार्किंग में अवैध रूप से संचालित की जा रही जेसीबी का चालान होगा। डीएम वंदना सिंह ने मंदिर समिति, स्थानीय लोगों और व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए इसके आदेश जारी किए हैंं। सामने आया है कि निर्माणाधीन पार्किंग में केमू ने अवैध रूप से जेसीबी का संचालन कर मंदिर को नुकसान पहुंचाया है।
नगर के मालरोड में केमू स्टेशन में करीब ढाई करोड़ रुपये से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। बीते रविवार को यहां स्थित ब्रह्मानंद सरस्वती मंदिर का एक हिस्सा और कुटिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे लेकर मंदिर समिति, स्थानीय लोगों और व्यापारियों में काफी आक्रोश था। उन्होंने इसके जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग प्रशासन से की थी। सोमवार को लोगों के आक्रोश को देखते हुए डीएम वंदना सिंह मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के बारे में पूछताछ की।
सामने आया कि केमू के पदाधिकारियों ने अवैध तरीके से जेसीबी का संचालन कर मंदिर को नुकसान पहुंचाया है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस का इसमें कोई हाथ नहीं है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने केमू के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश तहसीलदार कुलदीप पांडे को दिए। वहीं खुदान में अवैध रूप से संचालित जेसीबी का चालान करने को कहा। उनके इस आदेश के बाद लोग शांत हुए।
लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मंदिर का सुधारीकरण और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष ब्रदी विशाल अग्रवाल, त्रिलोचन जोशी, दिनेश गोयल, अभय साह, दिनेश जोशी, केवल सती, दीपक वर्मा, अमन, नवीन भट्ट, देवी दत्त जोशी, संजय अग्रवाल, करन पांडे, भाष्कर साह, रोहित कपूर, अर्जुन बिष्ट आदि मौजूद रहे।
केमू बनाएगा मंदिर और कुटिया
अल्मोड़ा। डीएम वंदना सिंह ने कहा कि केमू ने अवैध रूप से बगैर अनुमति के जेसीबी का संचालन कर मंदिर को नुकसान पहुंचाया है। इसके सुधारीकरण की पूरी जिम्मेदारी उसकी की होगी। यदि केमू ने सुधारीकरण कार्य नहीं किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद
हल्द्वानी से पहुंचे थे केमू के पदाधिकारी
अल्मोड़ा। मंदिर समिति और व्यापारियों ने बताया कि रविवार को केमू के पदाधिकारी यहां पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पदाधिकारियों ने अवैध रूप से जेसीबी लगाकर जानबूझकर मंदिर को तोड़ने का काम किया है। अब डीएम के निर्देश के बाद केस दर्ज होने पर उन पदाधिकारियों के चेहरे सामने आएंगे।