आखिरकार 10 दिन बाद हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार दोपहर 12 बजे छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। हालांकि, रास्ता खोले जाने के तुरंत बाद फिर से पत्थर गिरने लगे तो दो बार यातायात बंद करना पड़ा, लेकिन बाद में यह सुचारु हो गया। अल्मोड़ा के डीएम आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि रात नौ से सुबह छह बजे तक वाहनों का आवागमन पूर्ववत बंद रहेगा।
हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर क्वारब की पहाड़ी से अगस्त से भूस्खलन के साथ सड़क के धंसने से आवाजाही बाधित हो गई थी। इस कारण यात्रियों को रानीखेत और शहरफाटक होते हुए अधिक किराया देकर अल्मोड़ा पिथौरागढ़ या बागेश्वर की ओर जाना पड़ रहा था।
एनएच के अधिकारियों ने भूवैज्ञानिक आरसी उपाध्याय के नेतृत्व में क्वारब की पहाड़ी के ऊपरी सतह पर कमजोर हिस्से को काटकर मलबे का निस्तारण कराया। इस तरह सोमवार दोपहर 12 बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई।
आवागमन शुरू होने से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और हल्द्वानी की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। रेस्टोरेंट संचालकों को भी कारोबार के पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
जरूरी सामान की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद
महंगे किराये से मिलेगी निजात
यातायात खुलने का सबसे ज्यादा लाभ रोजमर्रा सफर करने वाले लोगों को मिलेगा। वाया रानीखेत जाने से उन्हें रोडवेज की बस में 100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे थे, जबकि टैक्सियों में 400 रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा था।