अल्मोड़ा। बेमियादी हड़ताल के कारण सोमवार को नौवें दिन भी जिले में कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की 44 बसों का संचालन ठप रहा। इससे जिला मुख्यालय से विभिन्न स्थानों को जाने वाले यात्री परेशान रहे। कई यात्री टैक्सी, जीपों में महंगा किराया देकर गंतव्य को रवाना हुए। हड़ताल से केमू को रोजाना पांच लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
हड़ताल से पहाड़ की 125 रूटों पर केमू की 350 बसों के पहिए थमे हैं। जिला मुख्यालय से विभिन्न रूटों पर करीब 44 बसों का संचालन ठप है। केमू की बसें माल रोड स्थित केमू स्टेशन में ही खड़ीं रहीं। अन्य दिनों यात्रियों से गुलजार रहने वाले केमू स्टेशन में सोमवार को सन्नाटा पसरा था। हड़ताल के चलते केमू की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
हड़ताल से केमू को 45 लाख रुपये का घाटा हो गया है। यदि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो आर्थिक नुकसान और बढ़ेगा। हड़ताल से यात्रियों की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई बार यात्री मजबूरी में जीप और टैक्सी में यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों का आरोप है कि टैक्सी, जीप चालक दोगुना किराया वसूल रहे हैं। इसके बावजूद सवारी भी पूरी बैठा रहे हैं।
रोडवेज की 19 में से 16 सेवाएं रहीं स्थगित
अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो में चालकों के 40 और परिचालकों के 36 पद खाली हैं। इस कारण सोमवार को रोडवेज की 19 में से 16 बसों का संचालन स्थगित रहा। रोडवेज स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रोडवेज की टनकपुर, हरिद्वार, दिल्ली, मासी, लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, लखनऊ, अटपेसिया-दिल्ली, चंडीगढ़, धरमघर-दिल्ली, सायंकालीन सेवा दिल्ली, देहरादून समेत 16 सेवाओं का संचालन ठप रहा।