उत्तराखंड विकेंद्रीकृत जलागम विकास परियोजना (ग्राम्या) की वार्षिक जिला जलागम समिति की बैठक में उप परियोजना निदेशक डॉ. एसके उपाध्याय ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से परियोजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 31 ग्राम पंचायतों को अवमुक्त की गई 69.33 लाख रुपये की धनराशि से ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है।
उपाध्याय ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत चयनित 87 ग्राम पंचायतों में से 82 ग्राम पंचायतों की जलागम विकास योजना पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगामी वर्षों के लिए प्रस्तावित कार्यों की भी जानकारी दी। सीएमओ डॉ. बीएस जंगपांगी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में परियोजना के माध्यम से उन्नत नस्ल के बकरों की व्यवस्था की जा सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र ने कहा कि मेरा वृक्ष, मेरा धन योजना के तहत अधिक काम किया जाए। सिंचाई गूलों को मैदानी क्षेत्रों की तरह खुला न छोड़कर ढका रखा जाए। उन्होंने लघु सिंचाई के अधीक्षण अभियंता सुरेश चंद्र को ग्राम पंचायतों में बनाई गई गूलों की मरम्मत कराने के निर्देश जारी करने को कहा।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख पीतांबर पांडे ने ग्राम पंचायतों में नई गूलों के निर्माण के साथ पुरानी गूलों की मरम्मत कर जल उपलब्धता कराने पर जोर दिया। अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा परियोजना कार्यो को और प्रभावी ढंग से कराने का सुझाव दिया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा ने भी विचार रखे। बैठक में विधायक प्रतिनिधि पूरन सिंह बिष्ट, सीडीओ प्रकाश चंद्र, जिला पंचायत सदस्य निर्मला भैसोड़ा आदि मौजूद थे।