बीडीओ को ज्ञापन सौंपते प्रधान।
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ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में प्रदेश सरकार पर ग्राम पंचायतों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। कहा कि राज्य वित्त से ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि में भारी कटौती कर विकास प्रभावित करने के प्रयास किए गए हैं, जिसे प्रतिनिधि बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया, जिसमें 15 जुलाई से आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
ब्लॉक सभागार में संगठन अध्यक्ष महेश पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट में कटौती को लेकर प्रधानों ने आक्रोश जताया। कहा कि एक ओर पंचायतों को मजबूत करने के नारे दिए जा रहे हैं, दूसरी तरफ राज्य वित्त में कटौती कर पंचायतों को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। बैठक में बजट कटौती के शासनादेश को निरस्त करने की मांग उठाई गई। इस दौरान प्रधानों ने मनरेगा योजना के तहत निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय करने की योजना का भी पुरजोर विरोध किया गया। कहा कि इस नीति के खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में कहा गया कि दैवी आपदा के कारण फसल और फल नष्ट हो चुके हैं। कृषि ऋण माफ करने, स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों का भुगतान करने, प्रधानों को उचित मानदेय दिए जाने की मांग भी उठाई गई। कहा कि शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर 15 जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में संयोजक लाल सिंह बिष्ट, लाल सिंह बसेड़ा, मनोहर सिंह, दीपक बिष्ट, आनंद पांडेय, नवीन मैनाली, भूपाल सिंह, केके सिंह रावत, विपिन पंत, हेमा रौतेला, राधा किरौला, पुष्पा तिवारी, हंसी देवी, हिम्मत सिंह सहित तमाम प्रधान मौजूद थे।