विद्युतीकरण से वंचित अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के 529 तोक अभी भी रोशन नहीं हो सके हैं। इन तोकों को दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत रोशन किया जाना था, ऊर्जा निगम ने 2015-16 में निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने का निर्णय लिया था। बताया जा रहा है कि विद्युुतीकरण के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाई है। जिस कारण कार्य में विलंब हो रहा है। बिजली नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आधुनिक दौर में बिजली के बगैर जीवन बसर करने की कल्पना तक नहीं की जा सकती, लेकिन नीति नियंताओं की उदासीनता के चलते अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में कई गांव आज भी बिजली से वंचित हैं। इन ग्रामीणों के लिए टीवी और मोबाइल फोन दूर की कौड़ी है। अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत ब्लाक में 34, धौलादेवी में 128, द्वाराहाट में 13, हवलबाग में 10, लमगड़ा में 17, सल्ट में 27, स्याल्दे में 21, ताकुला में 14, चौखुटिया में 13, भिकियासैंण में एक, भैंसियाछाना ब्लाक में 24, बागेश्वर में सात, गरुड़ में 44 तथा कपकोट में 154 तोक बिजली से वंचित हैं।
ऊर्जा निगम ने इन गांवों में विद्युतीकरण का कार्य 2015-16 तक निपटा लिए जाने का निर्णय लिया था। लेकिन अभी तक इस क्षेत्र में धेला भर भी कार्य नहीं हुआ है। इधर, विद्युत वितरण खंड रानीखेत के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विद्युतीकरण का कार्य रूरल इलेक्ट्रिक डिवीजन हल्द्वानी के माध्यम से होना है।