संवाद कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। महिला एकता परिषद के द्वितीय चरण के संवाद अभियान के तहत ग्राम चौंरा में गोष्ठी हुई। हीरा देवी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में महिलाओं ने लावारिस जानवरों, बंदरों, सुअरों से पहाड़ की बर्बाद होती खेती पर चिंता जताई। कहा कि काश्तकारी चौपट होने के कारण पहाड़ से निरंतर पलायन हो रहा है। लेकिन सरकार को इससे कोई सरोकार नहीं है। जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी महिलाओं ने आक्रोश जताया।
महिलाओं ने सरकार से शीघ्र पहाड़ की बर्बाद हो रही खेती किसानी को बचाने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। एकता परिषद महासचिव मधुबाला कांडपाल ने दोहराया कि जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए शीघ्र कोई सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए।
वहीं पहाड़ की बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था को यदि ग्रामीण स्तर पर सुधार किया जाए तो पहाड़ से पलायन कम होगा। उपस्थित महिलाओं ने तय किया कि यदि सरकार ने लावारिस और जंगली जानवरों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई तो उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा। बैठक में कमला देवी, मोहनी देवी, चंपा देवी, मुन्नी देवी, पुष्पा देवी, किरण देवी, कमला देवी आदि ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। बैठक का संचालन प्रभा देवी ने किया।