अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते राज्यसभा सासंद प्रदीप टम्टा।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने आरोप लगाया है कि सरकार का आपदा बचाव तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है। पिथौरागढ़ जिले के सीमांत धापा, टांगा समेत अन्य आपदा प्रभावित गांवों के लोगों को सरकार ने उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। आपदा प्रभावित स्कूलों भवनों और टेंटों में रह रहे हैं। कहा कि इन गांवों की अस्सी से नब्बे फीसदी कृषि भूमि बरबाद हो चुकी है। इन क्षेत्रों में अब जीवन संभव नहीं है। सरकार को इन लोगों को दूसरे स्थान पर विस्थापित करना चाहिए।
प्रभावित क्षेत्रों से लौटने के बाद यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य सभा सांसद टम्टा ने कहा विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावितों को रहने के लिए टेंट कालोनी बनाकर उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदा से बचाव की तैयारी में सरकार पूरी तरह फेल रही है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन सीमित संसाधनों में काम कर रहा है पर प्रदेश शासन पूरी तरह फेल साबित हुआ है। मुख्यमंत्री ने भी प्रभावितों की ओर आंखें मूंद ली हैं। सीमांत क्षेत्र की सड़केें केंद्रीय एजेंसी बीआरओ के पास हैं, लेकिन बीआरओ उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद राज्य में सवा तीन लाख प्रवासी लौटे हैं। उनका डाटा तैयार कर रोजगार उपलब्ध कराने को सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।
जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने आरोप लगाया है कि कोरोना काल में घर लौटे प्रवासियों को रोजगार देने के मामले में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ अब तक कोई बैठक भी नहीं की। इस अवसर पर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश भाकुनी, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, दिनेश नेगी भी मौजूद थे।