सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ ने गल्ला विक्रेताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गल्ला विक्रेताओं को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। संघ ने विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा है कि सरकार खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने जा रही है। कई गल्ला विक्रेता गत 40 सालों से काम करते आ रहे हैं। शासन प्रशासन से लगातार अनुरोध करने के बाद भी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की उपेक्षा की गई।
आदमनी के स्रोत नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब होते जा रही है, जिससे परिवार के भरण पोषण में दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को 20 हजार रुपये मानदेय देने अथवा उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की है।
उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर खाद्यान्न उठान बंद करने की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में संघ के अध्यक्ष दिनेश गोयल, जिला महामंत्री मनोज वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अभय साह, दीपक साह, केशर सिंह खनी, नारायण सिंह, देवेंद्र चौहान, गिरीश कपिल, मोहन जोशी, कपिल आदि शामिल थे।