सड़क पर डामरीकरण का जीओ सौंपते मुख्यमंत्री।
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17 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार तहसील के सुदूरवर्ती गोलूछिना-श्रीखेत-भिटारकोट मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण की मंजूरी मिल गई है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 492.72 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया है। लोनिवि प्रांतीय खंड अल्मोड़ा की तरफ से अप्रैल में डामरीकरण की निविदाएं लगाई जाएंगी। मोटर मार्ग से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं, लेकिन मार्ग की हालत खराब होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था।
गोलूछिना-श्रीखेत-भिटारकोट मोटर मार्ग के प्रथम चरण के कार्य को 17 साल पहले 2000 में स्वीकृति मिली थी। सड़क कटान के बाद आगे कार्य नहीं हो पाया था, जिस कारण यह सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई, कई स्थानों पर मोटर मार्ग की हालत अत्यधिक खराब होने के कारण इसमें वाहनों का संचालन तक नहीं हो पा रहा था। ग्रामीणों को आठ से 10 किमी की पैदल दूरी तय कर रोजमर्रा के कार्य निपटाने पड़ रहे थे।
मुझोली के युवा भाजपा नेता दीपक कन्नू शाह ने बताया कि वह पिछले एक साल से इस मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य के लिए प्रयास कर रहे थे। नौ मार्च को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें द्वितीय चरण के डामरीकरण और सुधारीकरण की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के शासनादेश की कापी सौंपी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक और मंत्री रेखा आर्या, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी इसके लिए काफी प्रयास किए। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आदि का आभार जताया है।