बैठक लेते डीएम नितिन सिंह भदौरिया।
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अल्मोड़ा। नगर पालिका के 7ेत्र में दी जाने वाली सुविधाओं पानी, विद्युत, सीवर लाइन आदि की जीआईएस मैपिंग शुरू हो चुकी है। जल्द ही नगर के अन्य वार्डों में भी जीआईएस मैपिंग शुरू हो जाएगी। कार्य के प्रथम चरण में पालिका के दो वार्डों लक्ष्मेश्वर, त्रिपुरासुंदरी से इसकी शुरुआत की गई है। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने पालिका के अधिशासी अधिकारी को इस कार्य को 15 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि अन्य वार्डों का कार्य भी समय से पूरा किया जा सके।
जीआईएस के संबंध में कैंप कार्यालय में बैठक लेते हुए उन्होंने बताया कि इसके तहत प्रत्येक घर की मैपिंग कर एक व्यवस्थित कोड दिया जाएगा। जिससे नगरपालिका द्वारा दिया जाने वाला बिल, टैक्स आदि का चिन्हीकरण ऑनलाइन जीआईएस के माध्यम से हो पाएगा और मैपिंग से पालिका के नियोजन में सहायता मिल सकेगी। डीएम ने बताया कि जीआईएस मैपिंग से बिल और टैक्स न देने वाले परिवारों का भी चिन्हीकरण आसानी से किया जा सकेगा साथ ही अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकेंगी।
इसके अलावा कोसी और अल्मोड़ा नगर के नौलों का चिन्हीकरण करने के भी निर्देश दिए। एनआरडीएमएस के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने सुझाव देते हुए कहा कि इसके लिए पहले दो वार्ड को लिया गया है। सफलता प्राप्त होने पर सभी वार्डवार जीआईएस मैपिंग की जाएगी। बाद में डीएम ने कोसी पुनर्जनन अभियान के अंतर्गत किए जाने वाले शीतकालीन पौधरोपण के तैयारियों की भी समीक्षा की और बताया कि अभियान मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही कोसी कैचमेंट क्षेत्रों में भी शीतकालीन पौधरोपण किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों को 15 दिसंबर तक यथाशीघ्र कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ मनुज गोयल, डीडीओ केके पंत, अधिशासी अभियंता पालिका श्याम सुंदर, उप परियोजना निदेशक जलागम एसके उपाध्याय, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, जीआईएस विश्लेषक उमा शंकर, नेहा रानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।