जीआईसी झीपा में शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभिभावकों ने मंगलवार को विद्यालय में तालाबंदी कर दी। इस कारण आधा घंटे तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। आधा घंटे बाद दो शिक्षकों के पहुंचने पर अभिभावकों ने तालाबंदी समाप्त की और उसके बाद परीक्षा शुरू हुई। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों के सभी खाली पदों पर नियुक्ति नहीं होने पर तीन नवंबर से तालाबंदी की चेतावनी दी है।जीआईसी झीपा में बीते दिनों शिक्षकों में आपसी विवाद हुआ था।
इसके बाद ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षाधिकारी ने पांचों विवादित शिक्षकों को वहां से हटाकर अन्यत्र संबंद्ध कर दिया, लेकिन तब से हटाए गए शिक्षकों के स्थान पर दूसरे शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। जिससे विद्यालय में सिर्फ पांच शिक्षक ही रह गए हैं और छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। गुस्साए अभिभावकों ने सोमवार को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में नारेबाजी की और धरना दिया था। बाद में खंड शिक्षाधिकारी के आश्वासन पर धरना समाप्त किया था।
इधर मंगलवार को क्षेत्र के अभिभावक सुबह ही जीआईसी झीपा पहुंच गए और उन्होंने शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर विद्यालय में तालाबंदी कर दी। तालाबंदी के कारण विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरु नहीं हो सकी। बाद में अधिकारियों ने आसपास के विद्यालयों से वहां दो शिक्षकों को संबंद्ध किया। करीब आधा घंटे बाद दो शिक्षकों के पहुंचने पर अभिभावकों ने तालाबंदी खत्म की। तालाबंदी करने वालों में जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत,क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश बंगारी, प्रधान भागा देवी, माधवानंद, उमेश चंद्र, भुवन चंद्र उपाध्याय, पनी राम, प्रकाश नेगी, नारायण दत्त, जगदीश चंद्र, रमेश बंगारी, कृपाल सिंह, सोबन सिंह आदि शामिल थे।