स्वराज अभियान की प्रदेश स्टीयरिंग कमेटी की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन जनांदोलन खड़ा कर वैकल्पिक राजनीति का विकल्प तैयार करेगा।
जिंदल ग्रुप को भूमि देने के खिलाफ नानीसार में आंदोलित ग्रामीणों को समर्थन देते हुए विभिन्न संगठनों के साथ 24 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का एलान किया गया। अभियान का कहना है कि गैरसैंण में स्थायी राजधानी से कम स्वीकार नहीं है।
प्रदेश संयोजक कमला पंत ने प्रेसवार्ता में बताया कि स्वराज अभियान का पूरे प्रदेश में शहर, गांव स्तर तक विस्तार किया जाएगा। एक माह के भीतर जिला स्तर पर सौ-सौ और ब्लॉक स्तर पर 50-50 सदस्य बनाए जाएंगे। यह सदस्य मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित संगठन के चुनाव में भाग लेंगे।
सामूहिक नेतृत्व को बढ़ावा देते हुए संगठन गांव-गांव तक विस्तार करेगा। अनुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन को व्यवस्थित बनाने के साथ ही शिकायत प्रकोष्ठ, अनुशासन कमेटी का गठन किया जाएगा। सामूहिक रूप से नीतिगत निर्णय का स्टीयरिंग कमेटी में अनुमोदन करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान के राजनीतिक पार्टी के तौर पर गठन को लेकर भी मंथन चल रहा है। प्रदेश स्तर पर शिक्षा सुधार, किसानों की समस्याओं को लेकर जनांदोलन चला रहा है।
प्रदेश में सरकारी खजाने की लूट करने के खिलाफ अभियान चलेगा और लोगों को जागरूक किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट, संचालन हाईकोर्ट के अधिवक्ता वीपी नौटियाल ने किया।