कोसी नदी के किनारे फेंका गया कूड़ा।
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सोमेश्वर कस्बे से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं है। कस्बे का कूड़ा कोसी और साईं नदी के किनारे डाला जा रहा है। बारिश होने पर बहकर कूड़ा नदियों में पहुंचने से पानी भी दूषित हो जाता है पर प्रशासन द्वारा कूड़े के निस्तारण के लिए अब तक कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है।
अन्य कस्बों की तरह ही सोमेश्वर कस्बे में भी कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस योजना अब तक नहीं बन सकी है। कस्बे में करीब तीन सौ दुकानें हैं। बाजार का कूड़ा कोसी नदी में पुल के समीप नदी के किनारे डाला जा रहा है। इसके अलावा साईं नदी के किनारे भी कूड़ा फेंका जा रहा है। जिससे बारिश होने पर कूड़ा बहकर कोसी और साईं में पहुंचता है और नदी का पानी दूषित होता है। इन नदियों से कई क्षेत्रों को पेयजल योजनाएं भी बनी हैं।
गत एक मई को सोमेश्वर तहसील मुख्यालय में लगे तहसील दिवस में विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी के सम्मुख यह मुद्दा भी उठाया था। जिलधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने इस संबंध में जिला विकास अधिकारी को कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए थे।