विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने धारा 20/22 एनडीपीएस एक्ट में आरोपी सरफराज सैफी पुत्र सत्तार निवासी ग्राम बुड़ानपुर अलीगंज थाना भगतपुर जिला मुरादाबाद (उप्र) और राम किशोर पुत्र मोहन सिंह निवासी ग्राम गोशाला दभरा मुस्तकम थाना आईटीआई जिला ऊधमसिंहनगर को पांच-पांच साल की सजा और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपियों को चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
भतरौंजखान थाने के उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह सात जनवरी 2018 को पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। वह एसआई बी. मोहन लाल के साथ पुलिस सहायता केंद्र मोहान के पास बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग करने लगे। शाम को 5:15 बजे मरचूला की ओर से एक सफेद रंग की ऑल्टो कार-800 संख्या यूके-18बी-4599 आई, जिसे पुलिस ने रोका। वाहन की तलाशी की ली।
वाहन की डिक्की खोलकर देखा तो उसमें दो टाट के कट्टों में गांजा भरा था। पुलिस ने आरोपी सरफराज सैफी और राम किशोर को गिरफ्तार किया और उनके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया।
इस मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से आठ गवाह न्यायालय में पेश किए गए। जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र जोशी ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।