नानीसार में सरकार द्वारा हिमांशु एजूकेशनल सोसायटी को इंटर नेशनल स्कूल बनाने को भूमि आवंटन और आंदोलनकारियों पर जानलेवा हमले का मामला बढ़ता ही जा रहा है।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी और रेखा धस्माना के हमलावरों की आठ दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में रोष है। इसके खिलाफ विभिन्न संगठनों ने गांधी पार्क चौघानपाटा में धरना दिया। वहां हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर जिंदल ग्रुप को अनैतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि हिमांशु एजूकेशनल सोसायटी को नानीसार में जमीन आवंटित नहीं हुई है। इसके बावजूद जिंदल ग्रुप ग्रामीणों को डरा, धमका कर बेशकीमती भूमि कब्जा रहा है। आरोप लगाया कि नानीसार में सैकड़ों हरे पेड़ों को काटा गया है। 22 जनवरी को कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद वहां धड़ल्ले से काम चल रहा है।
23 जनवरी को वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी, रेखा धस्माना के साथ ही अन्य लोगों पर जिंदल के गुंडों ने जानलेवा हमला किया। नामजद रिपोर्ट कराने के बाद भी प्रशासन हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सका है, जबकि पीसी तिवारी और रेखा धस्माना को झूठे मामले में जेल भेज दिया।
वक्ताओं ने दोनों को बिना शर्त रिहा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने जिंदल के अवैध कब्जे को जल्द खाली नहीं करवाने पर आंदोलन तेज करने का एलान किया है। धरने के दौरान हुई सभा की अध्यक्षता उलोवा के पूरन चंद्र तिवारी ने और संचालन आरडीएफ के जीवन चंद ने किया।
आप पार्टी के आशीष जोशी, पूर्व अर्द्ध सैनिक संगठन के केबी पांडे, बौरारो संघर्ष समिति के दिनेश जोशी, नानीसार बचाओ संर्घर्ष समिति के मोहन सिंह राणा अधिवक्ता जगत रौतेला, डीके कांडपाल, अनूप तिवारी, प्रेम राम, आनंदी मनराल, सुनीता दानू आदि ने विचार रखे।