ऐतिहासिक गांधी कुटीर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए मंत्रणा करते अधिकारी।
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ताड़ीखेत स्थित ऐतिहासिक गांधी कुटीर को गांधी दर्शन और योग ध्यान केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। पिछले दिनों डीएम ने भी गांधी कुटीर का निरीक्षण कर अधिकारियों से इसकी संभावना तलाशने के निर्देश दिए थे। इधर शनिवार को एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने गांधी कुटीर का निरीक्षण किया और प्रस्ताव डीएम को भेज दिया है। अब शासन से अंतिम मोहर लगने के बाद पूरी कवायद शुरू हो जाएगी।
एसडीएम गौरव चटवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले गांधी कुटीर का निरीक्षण किया गया। दरअसल तीन महीने पहले गांधी जयंती के दिन अराजक तत्वों ने कुटीर में तोड़फोड़ कर दी थी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से लिखित शिकायत की थी।
पिछले दिनों डीएम नितिन भदौरिया ने गांधी कुटीर का निरीक्षण किया। इस दौरान गांधी कुटीर सेवा समिति ने इस ऐतिहासिक कुटिया को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग उठाई थी। अब तय हुआ है कि गांधी कुटिया को गांधी दर्शन और पूरे परिक्षेत्र को योग ध्यान केंद्र के रूप में विकसित करके इसे पर्यटन नक्शे पर लाया जाएगा।
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजेश जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी आदि ने इस संबंध में गहन मंत्रणा की। गांधी कुटीर के उपयोग के बारे में भी चर्चा हुई। तय किया गया कि एकीकृत आजीविका विकास सहयोग समिति के माध्यम से यहां केयर टेकर की नियुक्ति की जाएगी। खस्ताहाल पड़े भवन और खाली भूमि का सदुपयोग किया जाएगा। इस दौरान कुटीर सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल देव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।