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तीन शिक्षकों के सहारे 300 छात्र-छात्राओं का भविष्य

Sun, 02 Jul 2017 09:51 PM IST
पूरन भंडारी जैंती (अल्मोड़ा)
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राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती का भवन। - फोटो : amar ujala
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सरकार एक तरफ उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में उच्च शिक्षा की हालत प्राथमिक शिक्षा से भी बदतर हो गई है। इसकी बानगी है राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती। स्थिति यह है कि महाविद्यालय तीन प्राध्यापकों के सहारे चल रहा है। विभिन्न विषयों में प्रवक्ताओं के नौ पद रिक्त होने से शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इन दिनों महाविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण लिपिकों को परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। 
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महाविद्यालय में प्रवक्ताओं के 21 पद सृजित हैं। स्वीकृत पदों के सापेक्ष गत वर्ष नौ प्रवक्ताओं को संविदा में रखा गया था। महाविद्यालय में हिंदी, समाजशास्त्र, संस्कृत, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र विषयों में संविदा प्रवक्ता रखे गए थे।  गत 30 जून को संविदा प्रवक्ताओं का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस कारण महाविद्यालय में प्रवक्ताओं ने नौ पद रिक्त हो गए हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि महाविद्यालय में सिर्फ तीन शिक्षक रह गए हैं।

इस डिग्री कालेज में कुंज, बिनौला, लोहना, जैंती, दाड़िमी, चौकुना, बरम, बाराकोट, रज्यूड़ा, पाली गुणादित्य, भनोली, झालाडुंगरा, बसंत पुर, थाना खरकोटा, ध्यूली जाख, ल्वाली, बिराड़, भाबू समेत कई दूरस्थ गांवों से युवा उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान समेत महत्वपूर्ण विषयों के प्राध्यापक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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महाविद्यालय में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्राध्यापकों की कमी के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। वर्तमान में डिग्री कालेज में बीए और एमए की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण परीक्षा संपन्न कराने में कालेज प्रशासन को भारी दिक्कतें हो रही हैं। स्थिति यह है कि बाबुओं की भी परीक्षा में ड्यूटी लगाई जा रही है। सरकारों ने जगह-जगह डिग्री कालेज तो खोल दिए, लेकिन इनकी हालत सुधारने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई डिग्री कालेजों की हालत प्राथमिक स्कूलों से भी बदतर हो गई है।

संविदा शिक्षकों का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो चुका है। इस कारण महाविद्यालय में नौ प्रवक्ताओं के पद खाली हो गए हैं। संविदा प्रवक्ताओं की नियुक्ति उच्च शिक्षा निदेशालय के द्वारा की जाती है। 
प्रो. नर सिंह बिष्ट, प्राचार्य राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती, अल्मोड़ा। 


नए सत्र में डिग्री कालेज जैंती में प्रार्थना, झंडारोहण शुरू
 राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती में नए शिक्षा सत्र में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाविद्यालय में अब प्रत्येक कार्य दिवस में प्रार्थना और झंडारोपण हो रहा है। प्राचार्य प्रो. नर सिंह बिष्ट ने बताया कि नए सत्र में छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है।

प्रो. बिष्ट ने बताया कि महाविद्यालय में शिक्षक और छात्र-छात्राएं सुबह प्रार्थना करने के साथ ही झंडा रोहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रार्थना गायन व्यवस्था लागू होने से कालेज में अच्छा माहौल बनेगा। नए शिक्षा सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को ड्रेस कोड में महाविद्यालय आना अनिवार्य कर दिया गया है। 
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