ताकुला ब्लॉक के अंतर्गत करगिल शहीद मोहन सिंह बिष्ट के गांव को जोड़ने के लिए स्वीकृत खड़ाऊं-बसौली सड़क का निर्माण कार्य ठप होने से क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने मार्ग का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग उठाई है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
आठ साल पूर्व करगिल शहीद मोहन सिंह बिष्ट के गांव खड़ाऊं के अलावा मल्ला गांव, गंगा कोटली, चुराड़ी, गरोली होते हुए बसौली तक सरकार ने सड़क स्वीकृत की। करीब पांच किमी लंबी सड़क में से 1.5 किमी खुदान के बाद 10 फरवरी से कार्य बंद पड़ा है। सड़क के लिए शासन ने 1.75 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए हैं। लोगों को आशा थी कि जल्द सड़क का निर्माण कार्य पूरा होगा और लोगों को यातायात सुविधा मिलेगी, लेकिन कार्य अधूरा पड़ा है। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि लोनिवि ने सड़क का कार्य अधूरा छोड़ दिया है, जो कि शहीद का अपमान है।
चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द मार्ग का निर्माण पूरा नहीं किया गया तो अप्रैल से ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मल्ला स्यूनरा विकास मंच के अध्यक्ष पूर्व प्रधान चंदन सिंह बिष्ट, चुराड़ी की प्रधान बचुली देवी, कोटली की सरपंच मजू नेगी, गंगोला कोटली के सरपंच महेंद्र कार्की, कुंदन नेगी, आईपीएस बिष्ट, कुंदन नेगी, वीरेंद्र बिष्ट, आनंद बिष्ट, महेंद्र कार्की, राम सिंह बिष्ट, मोहन बिष्ट, नारायण बिष्ट, गोविंद बिष्ट आदि शामिल हैं। इधर गंगोला कोटुली की प्रधान लक्षमी देवी, पूर्व प्रधान भगवत सिंह, दीवान सिंह, खड़ाऊं के पूर्व प्रधान बलवंत सिंह बिष्ट ने भी सड़क का कार्य जल्द पूरा करने की मांग की।