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जीएसटी के विरोध में अल्मोड़ा-बागेश्वर में पूर्ण बंद

Fri, 30 Jun 2017 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा/बागेश्वर।
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जीएसटी के विरोध में अल्मोड़ा-बागेश्वर में पूर्ण बंद - फोटो : अमर उजाला
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर जिले में बंद का व्यापक असर रहा। जिले के कस्बों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया। सोमेश्वर, लमगड़ा, दन्यां, जैंती, कोसी आदि स्थानों में भी बंद का असर दिखाई दिया जबकि धौलछीना में मिलाजुला असर रहा।
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इधर, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला और नगर व्यापार प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर समाधान की मांग की। दवा की दुकानों को बंद से मुक्त रखा गया। बंद के चलते पूरे जिले में करीब चार करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। वहीं बागेश्वर, कपकोट, भराड़ी बाजार भी पूरी तरह बंद रहे। बागेश्वर में बंद के चलते करीब 1.75 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।

अल्मोड़ा में सुबह से ही राशन, कपड़े से लेकर चाय, सिगरेट, बीड़ी, सब्जी आदि की दुकानें भी बंद रहीं। दुकानें बंद कराने के लिए सुबह से ही व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की टोलियां घूमती रही।
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प्रांतीय उद्योग जिला और नगर व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर जीएसटी में व्यापारियों को जेल डालने की सजा का प्रावधान समाप्त करने, एक माह में तीन रिटर्न दाखिल करने के स्थान पर त्रैमासिक रिटर्न की व्यवस्था करने, उत्तराखंड में अपंजीकृत व्यापार सीमा 20 लाख करने, छोटे व्यापारियों के लिए एक करोड़ तक समाधान योजना लागू करने के अलावा ब्रांडेड अनाज, तिलहन, कपड़े, कृषि यंत्र और जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुओं को कर मुक्त रखने की मांग की है। 

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा ने कहा कि पर्वतीय राज्यों में 10 लाख रुपये वार्षिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी में रखा गया है जबकि अन्य राज्यों में यह सीमा 20 लाख है।

एसडीएम विवेक राय के माध्यम से ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, जिला महासचिव मनीष जोशी, नगर अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, नगर महासचिव मनोज सिंह पवार समेत दीप लाल साह, संजय अग्रवाल, दीपेश जोशी आदि व्यापारी शामिल थे। 

इधर सोमेश्वर जीएसटी के विरोध में व्यापार मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह बोरा, कैलाश जोशी, दिनकर जोशी, हेम उपाध्याय, संतोष कुमार, भगवान राणा, प्रमोद राठी, कैलाश राणा आदि ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसलीदार खुशबू आर्या को ज्ञापन सौंपा।

पनुवानौला कस्बे में भी दुकानें बंद रही। इसके अलावा, लमगड़ा, कोसी, दन्यां और जैंती में भी बंद का असर देखा गया। जबकि धौलछीना में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा ने बताया कि नगर समेत, जिले और कस्बों में बंद के कारण करीब चार करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। 

उधर, बागेश्वर में शुक्रवार को बाजार बंद रहा। मेडिकल स्टोर और डेयरी सहित कुछ जरूरी सेवाओं वाली दुकानों को छोड़कर अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बाजार बंद रहने से दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से खरीददारी के लिए आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

कुछ स्थानों पर लोगों को चाय तक नहीं मिली। व्यापारियों ने चौक बाजार में धरना देकर जीएसटी को व्यावहारिक बनाने और कुछ प्रावधानों में संशोधन की मांग उठाई। उधर जीएसटी के विरोध में कपकोट और भराड़ी बाजार भी पूरी तरह से बंद रहे। बागेश्वर में नगर अध्यक्ष हरीश सोनी के नेतृत्व में व्यापारियों ने चौक बाजार में धरना दिया।

बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन भेजने वालों में अनिल कार्की, गोविंद साह जगाती, राजेंद्र साह, नवीन साह, उमेश साह, रमेश मेहरा, धर्म सिंह, दिनेश चौधरी, तारा दत्त तिवारी आदि व्यापारी थे।

उधर, कपकोट और भराड़ी बाजार भी पूरी तरह से बंद रहे। कपकोट के व्यापार मंडल अध्यक्ष तारा सिंह कपकोटी, महासचिव हेम कपकोटी, नवीन उपाध्याय, प्रदेश संगठन मंत्री गोपाल दत्त जोशी ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। 

रानीखेत में वित्त मंत्री जेटली का पुतला फूंका

जीएसटी के विरोध में बंद का असर उपमंडल क्षेत्र में भी व्यापक रहा। रानीखेत में व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली का पुतला फूूंका। देर शाम को रानीखेत व्यापार मंडल की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।

वहीं, द्वाराहाट में भी कुछ दवा और सब्जी की दुकानों को छोड़कर सुबह से ही बाजार बंद रहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी और द्वाराहाट व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष वर्मा ने बंद को सफल बनाने के लिए सभी का आभार जताया। 

बंद के चलते पर्यटक और यात्री हुए परेशान 

बंद के कारण पर्यटकों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेस्तरां और चाय आदि की दुकानें भी बंद रहने से कई पर्यटक नाश्ता और खाने के लिए परेशान देखे गए। हालांकि दोपहर बाद शाम के समय इक्का-दुक्का चाय की दुकानें खुलने से पर्यटकों और यात्रियों को राहत मिली। 

सब कुछ बंद पर शराब की दुकान खुली रही 

एक तरफ व्यापार मंडल के आह्वान पर चाय, बीड़ी, सिगरेट की दुकानें तक बंद रहीं, लेकिन अल्मोड़ा में शराब की दुकान पर बंद का कोई असर नहीं रहा। शराब पूरे दिन बिकती रही। लोगों ने बताया कि व्यापारी नेताओं ने अन्य खुली दुकानों को तो बंद करवाया, लेकिन शराब की दुकान को बंद करवाने कोई नहीं पहुंचा। 

बागेश्वर में प्रभावित 1.75 करोड़ का कारोबार 

जीएसटी के विरोध में बागेश्वर जिले के बाजार बंद रहने से करीब 1.75 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। इससे सरकार को भी कर के रूप में मिलने वाले 2.28 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर एचएस धपवाल ने बताया कि पूरे जिले के बाजारों से विभाग के पास कर के रूप में एक वर्ष में 8.33 करोड़ रुपये की धनराशि आती है। इस लिहाज से एक दिन बाजार बंद रहने से 2.28 लाख रुपये का नुकसान विभाग को हुआ है। 
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