रानीखेत और द्वाराहाट के डिग्री कालेज अब क्षेत्र की दो महान विभूतियों के नाम पर जाने जाएंगे। रानीखेत पीजी कालेज को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. जयदत्त वैला और द्वाराहाट पीजी कालेज को स्व. मदन मोहन उपाध्याय के नाम पर कर दिया गया है। इनके शासनादेश भी जारी हो गए हैं। मालूम हो कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इन संस्थानों का नाम महान विभूतियों के नाम पर करने की मांग कर रहे थे।
प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. जय दत्त वैला का जन्म एक मई 1916 को हुआ था। हाईस्कूल की शिक्षा नैनीताल से और इंटर एवं स्नातक की शिक्षा उन्होंने बनारस से की थी। 1939 में प्रेम विद्यालय ताड़ीखेत में वह शिक्षक थे। इस दौरान वहां स्वतंत्रता आंदोलन की अलख भी जली थी, यहीं से वैला इस आंदोलन में कूद गए 1940 में वह सत्याग्रह आंदोलन में सक्रिय रहे। इस दौरान डेढ़ वर्ष की उन्हें जेल भी हुई। 1942 में फिर वह गिरफ्तार हुए। 1945 तक वह बरेली जेल में रहे।
आजादी के बाद 1950 के दशक में स्व. वैला छावनी परिषद के उपाध्यक्ष भी रहे। दूसरे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मदन मोहन उपाध्याय ने स्वंतत्रता आंदोलन में अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। वह वेश बदलकर आंदोलन की रणनीति को अंजाम देते थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए उन पर 10 हजार रुपये का ईनाम तक घोषित किया गया था। विधायक मदन बिष्ट और पूर्व विधायक करन माहरा ने बताया कि वह लंबे समय से इसके लिए प्रयासरत थे, सरकार ने अच्छा कदम उठाया है। छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, पत्रकार विमल सती ने कहा कि देर से ही सही, लेकिन सरकार ने महान विभूतियों को सम्मान देकर अच्छा कार्य किया है। उधर संयुक्त मजिस्ट्रेट, रानीखेत विनीत कुमार ने बताया कि महाविद्यालयों के नाम दोनों फ्रीडम फाइटरों के नाम पर करने का शासनादेश जारी हो चुका है। शासन के अगले आदेश का इंतजार है।