अल्मोड़ा। युवक के खाते से ठगों ने निकाले 30 हजार रुपये अल्मोड़ा साइबर सेल ने वापस करवा दिए। युवक क्यूआर कोड स्कैन कर ठगी का शिकार हो गया था। इसके बाद उसने इसकी सूचना अल्मोड़ा साइबर सेल को दी। साइबर सेल ने राशि वापस पीड़ित को प्राप्त करवाई।
पुलिस के अनुसार चार अगस्त को डीडीहाट (पिथौरागढ़) निवासी गोविंद सिंह बिष्ट अल्मोड़ा से लौट रहे थे। इसी बीच उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल में ठग ने गोविंद से उसके बॉस के नाम पर कंपनी का हवाला देते हुए 30 हजार रुपये ऑनलाइन जमा करने के लिए कहा। उसने गोविंद के नंबर पर एक क्यूआर कोड भेजा और उसे स्कैन करने को कहा। गोविंद ने जैसे ही कोड स्कैन किया उनके खाते से 30 हजार रुपये निकल गए। इधर शिकायत मिलने के बाद से ही साइबर सेल जांच में जुट गई। साइबर सैल प्रभारी नीरज भाकुनी ने बताया कि शनिवार को साइबर पीड़ित के पैसे वापस खाते में आ गए हैं।
साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता की जरूरत : एसएसपी
अल्मोड़ा। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने सभी लोगों को साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के साथ ही साइबर अपराध से लोग बच सकते हैं। कोरोना की तरह की साइबर भी एक संक्रमण है जो लगातार पैर पसार रहा है। ठग नए-नए तरीकों से जाल बिछाकर लोगों की मेहनत की कमाई से अपनी जेब भर रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि यदि आप गूगल पे, फोन पे, पेटीएम आदि प्रयोग कर रहे हैं तो सावधान रहें, जब आप डिजिटल माध्यम से लेन-देन करते हैं तो ठगी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि आजकल ठग क्यूआर कोड भेजकर इनाम और लॉटरी के पैसे खाते में डालने का भी झांसा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास करके अपने बैंक खाते की निजी जानकारी किसी को भी शेयर न करें। न ही किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करें। यदि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार होता है तो तत्काल नजदीकी थाने या साइबर सैल अल्मोड़ा को सूचित करें।