अल्मोड़ा के गांधी पार्क में प्रदर्शन करते असम राइफल के पूर्व सैनिक।
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अल्मोड़ा में समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग सहित अन्य मुद्दों पर असम राइफल्स भूतपूर्व कल्याण संगठन (अरेवा) के बैनर तले एकजुट असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने नगर में आक्रोश रैली निकाली। उन्होंने नारे लगाकर विरोध जताया।
शुक्रवार की सुबह असम राइफल्स के पूर्व सैनिक नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्रित हुए। यहां से माॅल रोड होते हुए शहीद तिराहे तक आक्रोश रैली निकाली। इससे पूर्व गांधी पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि असम राइफल्स 191 साल पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है। इसके बाद भी उसके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव सेवानिवृत सुबेदार मोहन चंद्र तिवारी ने कहा कि सेना के शीर्ष अधिकारियों के असम राइफल्स भूतपूर्व कल्याण संगठन को असंवैधानिक बताने के विरोध में यह रैली निकाली जा रही है।
असम राइफल्स सेना के अधिकारियों के कमांड में कार्य करती है और हमेशा उग्रवाद से ग्रसित क्षेत्रों में रहती है जबकि सेना की यूनिट सिर्फ तीन साल ही उग्रवाद वाले क्षेत्र में रहती है। इसके बाद वह शांत क्षेत्र में चली जाती है। कहा सेना की तरह असम राइफल्स को भी शांत क्षेत्र में भेजा जाए। राज्य सचिव विशन सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों के आश्रितों को सेना की तरह असम राइफल्स और अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती में छूट दी जाए।
पूर्व सैनिकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के वहां नहीं मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। रैली में नारायण सिंह पैनवाल, मोहन नेगी, राम सिंह बिष्ट, राम सिंह रावत, चंदन पैनवाल, गणेश सिंह बिष्ट, हरीश भट्ट, विजय शाह, अर्जुन भोज, खुशाल नेगी, बसंती देवी, वीर सिंह, दीवान सिंह, जगदीश अधिकारी के अलावा रानीखेत, लमगड़ा, धौलादेवी, दन्या आदि स्थानों से पूर्व सैनिक पहुंचे थे।