मौलेखाल(अल्मोड़ा)। अमेता गांव में तेंदुए की बढ़ती धमक के बीच वन विभाग की टीम गांव पहुंची। वन कर्मियों ने तेंदुए से बकरी को बचाने का प्रयास करने वाले विवेक से भेंट की। गांव में लगे पिंजरा का स्थान भी बदला। ग्रामीणों की नाराजगी को दूर करते हुए हर तीसरे दिन गांव में गश्त करने और तेंदुए को पिंजरे की तरफ आकर्षित करने के लिए मांस भी रखा।
बृहस्पतिवार को बीट अधिकारी संजय भंडारी और वन दरोगा भारत सिंह ने विवेक के साहस की सराहना की, लेकिन उसे भविष्य में ऐसा जोखिम उठाने से बचने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। गांव में लगाए गए पिंजरे को विवेक और तेंदुए का आमना-सामना होने वाली जगह पर रखा गया। ग्रामीण दिनेश चंद्र ने कर्मचारियों से मारी गई बकरी का मुआवजा देने की मांग की। ग्राम प्रधान गोपाल राम, सरपंच नवीन भारद्वाज, राजेंद्र प्रसाद, परमानंद, सुनीता देवी, आनंदी देवी, मुन्नी देवी, सावित्री देवी आदि ने बताया कि तेंदुआ आबादी की तरफ आ रहा है। लोगाें के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने नियमित गश्त करने और तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास करने की मांग की।