मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मोहान वन क्षेत्र की तड़म ग्राम सभा में बाघ की गतिविधियों के बीच वन विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभाग की ओर से तड़म के स्कूली बच्चों को वाहन की व्यवस्था कर राइका भौनखाल लाया गया और फिर वापस पहुंचाया गया। वन विभाग की इस पहल से अभिभावकों ने राहत महसूस की।
मोहान वन क्षेत्र की तड़म ग्राम सभा में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग लगातार सक्रियता से अभियान चला रहा है। विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार कैंप कर रात्रि में भी घर-घर जाकर निगरानी, गश्त और जागरूकता अभियान चला रही हैं। वन विभाग की टीमों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और बचाव के उपायों की जानकारी दी। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में फायर वॉल बनाकर और राइफल से फायर कर वन्यजीवों को आबादी से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है।
विभाग द्वारा क्षेत्र में एनाइडर, फॉक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं। इलाके में ट्रैप कैमरे, ड्रोन और गश्ती टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। अब तक क्षेत्र में कुल नौ पिंजरे लगाए जा चुके हैं जिनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
वन विभाग ने तड़म के बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें राइका भौनखाल आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की है, साथ ही कुछ ग्रामीणों ने अपने निजी वाहन से बच्चों को दो राउंड में स्कूल तक छोड़ने और छुट्टी में वापस घर तक ले जाने की व्यवस्था की। जिससे बच्चों को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाया जा सके।
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कोट
वन विभाग की टीम ने तड़म क्षेत्र के कुछ विद्यार्थियों को सुरक्षा के साथ वाहन से विद्यालय लाने और वापस पहुंचाने की व्यवस्था की गई। मल्ली अजोली, तल्ली अजोली और अन्य दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों के लिए ग्रामीणों ने स्वयं वाहन की व्यवस्था की है। आसपास के गांवों के विद्यार्थी अभिभावकों के साथ समूह बनाकर विद्यालय पहुंच रहे हैं।
शंकर दयाल कांडपाल, प्रभारी प्रधानाचार्य, भौनखाल-
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तड़म क्षेत्र के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें विद्यालय लाने और वापस पहुंचाने के लिए वन विभाग की ओर से वाहन लगाया गया है। वन विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सतर्क एवं जागरूक किया जा रहा है।
गंगा शरण, वन क्षेत्राधिकारी, मोहान-