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द्वाराहाट के मल्ली मिरई जंगल आग से जलकर हुआ राख

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मिरई के जंगल में लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। लंबे समय से बारिश न होने के कारण क्षेत्र के जंगल धधकने लगे हैं। शुक्रवार को यहां मल्ली मिरई के पास जंगल में आग लग गई। नौला फाउंडेशन के लोगों और क्षेत्र की महिलाओं ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
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नौला फाउंडेशन से जुड़े लोगों ने बताया कि मल्ली मिरई से करीब एक किमी पहले जंगल में आग लगी थी। उन्होंने देखा कि कुछ महिलाएं आग बुझाने का प्रयास कर रही थीं। वह भी महिलाओं के साथ आग बुझाने में जुट गए। करीब एक घंटे तक जूझने के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान जंगल का काफी हिस्सा जल चुका था। नौला फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा इन दिनों आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ग्रामीणों को भी जंगलों को आग से बचाने के लिए जागरूक रहना होगा। फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया उनका फाउंडेशन भी जंगल बचाओ जीवन बचाओ अभियान से जुड़ा है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच महिलाओं ने भी फाउंडेशन से जुड़कर सहयोग का आग्रह किया। महिलाओं ने कहा कि वह भी फाउंडेशन के साथ कदम से कदम मिलाकर जंगल बचाने की मुहिम से जुड़ेंगी।
काफलीगैर के जंगल भी धधके
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के पास कुकुड़ामाई के जंगलों में आग लगने के बाद अब काफलीगैर के जंगल भी धधकने लगे हैं। आग की घटनाओं से वन संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।
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दो दिन पहले कुकुड़ामाई के जंगलों में अराजक तत्वों ने आग लगा दी थी। आग से चीड़ और अन्य प्रजाति के पेड़-पौधे जल गए। वन विभाग की टीम ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग बुझाने के 24 घंटे बाद ही अराजक तत्वों ने काफलीगैर के जंगलों में आग लगा दी है। काफलीगैर में वन विभाग के लीसा डिपो के पास जंगल जल रहे हैं। रात के समय आग डिपो तक पहुंच गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। रेंजर मनीष कुमार ने कहा कुकुड़ामाई के जंगल में लगी आग बुझा दी गई है। काफलीगैर के जंगलों में आग बुझाने के लिए टीम भेज दी है। जल्द आग पर काबू पा लिया जाएगा।
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