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शोधार्थियों ने नींबू में एक खास तत्व एरियोसिट्रिन खोजा, प्राकृतिक और सुरक्षित इलाज का विकल्प बनेगा
संजय नयाल
अल्मोड़ा। अब तक नींबू को आपने गले की खराश कम करने या गर्म पानी के साथ वजन घटाने में मददगार माना होगा। अब पहली बार इस खट्टे फल में छिपी एक और मीठी उम्मीद नजर आई है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने नींबू में एक खास तत्व एरियोसिट्रिन खोज निकाला है। यह टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित इलाज बन सकता है।
नींबू यानी साइट्रस लेमन में पाया जाने वाला एरियोसिट्रिन शरीर में जाकर एरियोडिक्टियॉल और उसके ग्लूकुरोनाइड रूपों में बदलता है। ये यौगिक शरीर के खास प्रोटीन (पेरोक्सिसोम प्रोलिफरेटर एक्टिवेटेड रिसेप्टर गामा) पर असर करते हैं। ये प्रोटीन ही शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाकर ब्लड शुगर मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।
एसएसजे विवि के शोधार्थियों ने शोध में पाया कि शरीर में जाने के बाद एरियोसिट्रिन एरियोडिक्टियॉल और उसके ग्लूकुरोनाइड रूपों में बदल जाता है। यह तत्व डायबिटीज के कारण प्रभावित प्रोटीन की संवेदनशीलता को बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है। आमतौर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट्स अधिक हैं। ऐसे में नींबू का यह तत्व मधुमेह के उपचार में एक सुरक्षित विकल्प बन सकता है। संवाद
कोट
- शोध में मिली सफलता को अगर क्लीनिकल ट्रायल में भी सफलता मिले तो यह एक बढ़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। इससे डायबिटीज के मरीजों को सुरक्षित और सस्ता इलाज मिल सकेगा। - डॉ. सुभाष चंद्रा, मुख्य अन्वेषक, एसएसे विवि, अल्मोड़ा
क्लीनिकल ट्रायल का इंतजार
शोधार्थियों को शोध की सफलता के बाद इसके क्लीनिकल ट्रायल का इंतजार है। चूहों पर इसके सकारात्मक परिणाम मिले तो यह डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित और सस्ता उपचार हो सकता है।
नींबू के अन्य फायदे भी जान लें
नींबू में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। यह वजन घटाने, पाचन क्रिया को मजबूत बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, वायरल संक्रमण, हृदय, त्वचा संबंधी रोगों को नष्ट करने वाले गुण हैं। नींबू का सेवन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि रोकने में भी मददगार पाया गया है।
ये रहे शोध में शामिल
- इस शोध मेंं डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. महेशा गंगाधरैया, शोधार्थी त्रिवेणी पारधी, जाह्नवी रविल्ला, श्रीदेवी अन्नपूर्णा सिंह शामिल रहीं। उन्होंने मॉलिक्यूलर डॉकिंग, डायनामिक्स और एडीएमईटी जैसे अत्याधुनिक कंप्यूटेशनल टूल्स की मदद से एरियोसिट्रिन और इसके मेटाबोलाइट्स का अध्ययन किया।