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‘देवी बाराही मेरी सेवालिया हो...’

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चौखुटिया में गोपाल बाबू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। स्व. श्री गोपाल बाबू गोस्वामी की 79वीं जयंती उनके पैत्रिक गांव चांदीखेत से लगे बैराठेश्वर धाम में धूमधाम से मनाई गई। लोक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
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मंगलवार को गोपाल बाबू गोस्वामी की पत्नी मीरा गोस्वामी ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उनके पुत्र लोकगायक रमेश बाबू गोस्वामी ने ‘देवी बाराही मेरी सेवालिया हो’, ‘जय मैया दुर्गा भवानी’ गीत की प्रस्तुति दी। राउमावि भटकोट की बालिकाओं ने छोलिया नृत्य प्रस्तुत कर लोगों की तालियां बटोरीं।
लोकगायक जितेंद्र तोमक्याल ने ‘रुमाली का गाठा’, ‘ओ रंगीली धना’, ‘सिलगडी का पाला छाला ओ स्याली’ की प्रस्तुति दी। गायक इंद्र आर्य ने ‘तेरो लहंगा’, ‘बोल हिरा बोल’ गाकर समा बांधा। लोक गायिका दीपा नगरकोटी ‘हे सोनू मॉया लगूलो’ सहित अन्य गीत गाए। इसके अलावा दीपिका किरौला और राहुल अर्जुन देव ने भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी राहुल अरोरा थे। उन्होंने 200 कंबल और दो सौ स्कूली बैग भेंट किए। व्यापार संघ अध्यक्ष गणेश कांडपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में पचास समाजसेवियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।
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ये रहे मौजूद
मीरा गोस्वामी, गिरीश गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, रमेश गोस्वामी, जगदीश गोस्वामी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, उपपा के पीसी तिवारी, डॉ. कुलदीप बिष्ट, अनिल शाही, जसी राम, पीसी उपाध्याय, पूरन जोशी, चित्रा पंत, मदन चौधरी , गजेंद नेगी, सुरेंद्र हल्दी, तेजेश्वर घुघत्याल, धीरज जोशी, दलीप सिंह नेगी ,जानकी लोहिया ,दीप रिखाडी, मनोज पडलिया, प्रवीण कैलाश भट्ट आदि मौजूद रहे।
पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे : आशीर्वाद
अल्मोड़ा। गोपाल बाबू गोस्वामी सांस्कृतिक कला समिति की ओर से उदयशंकर राष्ट्रीय संगीत और नाट्य अकादमी में आयोजित समारोह में गोपाल बाबू को श्रद्धांजलि दी गई। उनकी पत्नी चंद्रा गोस्वामी ने कहा कि अपने गीतों के जरिए आज भी वह लोगों के दिलों में जिंदा हैं। बड़े पुत्र आशीर्वाद गोस्वामी ने कहा कि वह पिता की गायकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे। छोटे पुत्र अमित गोस्वामी ने गोपाल बाबू के कैले बजे मुरूली औ बैंणा ऊंची-ऊंची डान्यूमा.., रुपसा मोती घुंघर न बजा छम, जय मैय्या दुर्गा भवानी.. आदि गीत गाकर अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोक गायक गोपाल सिंह चम्याल, कल्याण बोरा आदि ने गोपाल बाबू गोस्वामी के गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विहान, प्रवाह, गोपाल बाबू गोस्वामी सांस्कृतिक कला समिति के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर बहुरंगी रंग बिखेरे। इस मौके पर समिति की उपाध्यक्ष चंद्रा गोस्वामी, अरमान गोस्वामी, बिट्टू कर्नाटक, लता तिवारी, रमेश कार्की आदि मौजूद थे।
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