अल्मोड़ा में जुलूस निकालते अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन करने से इस वर्ग लोग भड़क गए हैं। विभिन्न संगठनों के लोगों ने सोमवार को नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व चौघानापाटा में कैप्टन सतीश चंद्र जोशी पार्क में धरना दिया और सभा की।
उन्होंने कहा कि अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामले में किसी भी लोक सेवक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा प्राथमिक जांच करने और अन्य संशोधनों से यह अधिनियम निष्प्रभावी हो जाएगा और इस वर्ग पर अत्याचार अधिक बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पूर्व अधिनियम को ही यथावत रखा जाए।
केंद्र सरकार से मांग की कि इसको लेकर पुनर्विचार याचिका दायर कर संसद में संशोधन विधेयक लाए। इस संबंध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा।
प्रदर्शन में राजेंद्र बाराकोटी, बीआर धौनी, संजय भाटिया, प्रमोद कुमार, सिकंदर पवार, आईपी ह्यूमन, बीपी कोहली, चंदन लाल, विमेश राहुल, गिरीश चंद्र, सज्जन लाल टम्टा, प्रमोद टम्टा, पंकज चन्याल, कमलकांत आदि ने भाग लिया।