द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट ब्लॉक के कई गांवों में पिछले 15 दिन में अब तक पांच पशुुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों को आशंका है कि लंपी रोग का प्रकोप फैला है। हालांकि पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने लंपी रोग की आशंकाओं से इनकार किया है। उनका कहना है कि बदलते मौसम के चलते बीमारी फैली है। पशुओं में तेज बुखार के साथ शरीर में दाने भी हो रहे हैं। ऐसे संकेत मिलने पर ग्रामीण पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं।
ब्लॉक के सिमल गांव, पैठाणी, नैणी, नौरी आदि गांव में पिछले 15 दिन में कई मवेशी बीमार हो चुके हैं। पशुओं में तेज बुखार के साथ शरीर में दाने होने की पुष्टि हुई है। नौरी के जीवन सिंह, मुन्ना सिंह, पंकज तिवारी, पैठानी के रमेश राम, सुरेश राम आदि के मवेशियों की मौत होने के बाद ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंपी रोग के चलते मवेशियों की मौत हुई है लेकिन चिकित्सक इसे लंपी रोग मानने से इनकार कर रहे हैं।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में इस तरह के संक्रामक रोग हो जाते हैं। ग्रामीणों को कोई भी बीमारी के लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सालय से संपर्क करना चाहिए। विभाग गांव में जाकर दवा देने और टीकाकरण का कार्य भी कर रहा है। क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश बुधानी और जनप्रतिनिधियों ने विभाग से पशुपालकों को मुआवजा दिलाने तथा इस संक्रामक बीमारी से निजात दिलाने की मांग की है।
पशुओं में संक्रामक रोग फैला हुआ है। लंपी बीमारी की पुष्टि नहीं है। गांव-गांव जाकर दवाएं बांटी जा रही हैं और टीकाकरण किया जा रहा है। ग्रामीणों को पशुओं में किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण दिखें तो वह डॉक्टरों को सूचित कर सकते हैं। विभाग सावधानी बरत रहा है।
डॉ. सुमित जोशी, पशु चिकित्साधिकारी जालली
बीमारी फैलने की जानकारी नहीं है। जल्द टीम भेजकर पता लगाया जाएगा। पशुपालकों की हर समस्या का समाधान किया जाएगा। विभाग तत्परता से काम कर रहा है।
-डॉ. उदयशंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा