कई राज्यों से फार्मेलिन डालकर मछलियों को बेचने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर की दुकानों में छापेमारी की। दो दुकानों से मछली के नमूने फार्मेलिन जांच को लिए। नमूने जांच के लिए रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वहीं दो दुकानदार बगैर खाद्य लाइसेंस के मछली बेच रहे थे। जिनका खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत चालान काटा गया है।
फार्मेलिन वह रसायन है जिसे मछलियों में डाला जाए तो वह काफी समय तक खराब नहीं होती हैं, लेकिन फार्मेलिन स्वास्थ्य के लिए काफी घातक है और यह व्यक्ति का लीवर प्रभावित कर देती है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नगर के मछली बाजार की दुकानों मेें छापे मारे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि नजम खान और गोविंद सिंह चौहान की दुकान से मछली के सैंपल लिए गए, जो कि फार्मेलिन जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से अनुरोध किया गया है कि जांच रिपोर्ट शीघ्र भेजे। नजम खान के पास खाद्य लाइसेंस भी नहीं था।