लेक्चर सुनते इंडो-अमेरिका के सैनिक और अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
आतंकवाद और विद्रोह की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास-2018 का पहला चरण शुरू हो गया है। दूसरे दिन दोनों देशों के सैनिकों ने शारीरिक प्रशिक्षण, लेक्चर और खेलकूद आदि गतिविधियों में हिस्सा लिया। आधुनिक हथियारों और उपकरणों के संचालन की तकनीक भी साझा की। अधिकारियों ने युद्धाभ्यास से जुड़ीं तमाम जानकारियां भी जवानों को बताईं।
दोनों देशों के जवानों द्वारा आतंकवाद से निपटने की कार्यकुशलता और तकनीकी कौशल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जवानों और अधिकारियों को विशेषज्ञों ने युद्धाभ्यास के बारे में विस्तृत जानकारी दी। फील्ड में अभ्यास कराया गया। खेलकूद कार्यक्रमों में भी दोनों देशों के सैनिकों ने भाग लिया। इसके अलावा नवीनतम संचार उपकरणों के संचालन की तकनीक भी साझा हुई। सूत्रों के अनुसार जंगलों में छिपकर बैठे आतंकवादियों की खोज के तरीके भी इस बीच सिखाए जाएंगे। इन गतिविधियों में भारतीय सेना को सबसे अधिक जानकार माना जाता है।