फायर सीजन शुरू हो गया है, लेकिन इससे निपटने के लिए वन विभाग की तैयारियां नाकाफी बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक वनाग्नि समितियों का गठन नहीं हो सका है। लंबे समय से बारिश नहीं हो पाने के कारण इस बार वनाग्नि की दुर्घटनाएं अधिक होने की आशंका बनी हुई है।
इधर, वन पंचायत सलाहकार समिति के सदस्य भूपाल भंडारी ने विभाग से सरपंचों को रेंज स्तर पर वनाग्नि का प्रशिक्षण देने और कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर वनाग्नि की दुर्घटनाओं को रोकने की मांग की है।
फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू हो जाता है। वन विभाग के पास गनियाद्योली, सौनी, बिल्लेख, मालरोड, मजखाली और कालिका में छह क्रू स्टेशन हैं। उपकरणों के नाम पर इन स्टेशनों में सिर्फ रेख (पिरूल समेटने वाला फावड़ा) हैं। विभाग को और रेखों की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में वनाग्नि समितियों का अभी तक गठन नहीं किया गया है।
इधर, वन पंचायत सलाहकार समिति के सदस्य भूपाल भंडारी का कहना है कि वन विभाग ग्रामीणों को क्रू स्टेशनों की जानकारी देनी चाहिए। सरपंचों को रेंज स्तर पर वनाग्नि का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री चारा विकास योजना, मेरा पेड़, मेरा धन और मुख्यमंत्री जल संग्रहण योजना को धरातल पर उतारे, जिससे लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।