जंगलों में आग लगने की घटना हर रोज हो रही है। नगर क्षेत्र से लगे पांडेखोला बाइपास के जंगल में बीते शुक्रवार देर शाम आग लग गई। आग नीचे से फैलते हुए ऊपर आर्मी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। सूचना मिलने पर पैरालीगल वालंटियर मौके पर पहुंचे और घंटों तक आग बुझाने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों को मदद के लिए भी पुकारा, लेकिन किसी ने भी आग बुझाने में मदद नहीं की। आग इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि वालंटियर को भी लौटना पड़ा।
नगर से सटे पांडेखोला बाइपास के पास चीड़ के जंगल में शुक्रवार देर शाम आग भड़क उठी। जानकारी मिलने के बाद पैरालीगल वालंटियर भावना तिवारी, दीपा पांडे और वीरेंद्र सिंह रावत क्षेत्र में पहुंचे और ग्रामीणों से भी आग बुझाने में मदद करने को कहा, लेकिन ग्रामीणों ने हाथ खड़े कर दिए। वालंटियर भावना तिवारी ने बताया कि आग फैलते हुए आर्मी क्षेत्र को जाने लगी।
इस दौरान उन्होंने 101 नंबर के अलावा वन विभाग और फायर सर्विस को भी सूचना दी, लेकिन कहीं से भी मदद के लिए टीम नहीं पहुंची। इस दौरान उन्होंने खुद आग बुझाने की कोशिश की। आग ज्यादा भड़कने पर आर्मी क्षेत्र के कुछ जवानों ने जंगल की ओर पानी की बौछार की, लेकिन आग भड़कना कम नहीं हुई।
डेढ़ घंटे तक वह लोग खुद आग बुझाने की कोशिश करते रहे। उसके बाद भी आग कम नहीं हुई तो वह लोग लौट आए। मालूम हो कि तीन दिन के भीतर नगर क्षेत्र में ही फलसीमा, करबला, शैल बैंड के जंगल में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं।
उधर दोपहर बाद विकास भवन के ऊपर स्यालीधार के जंगलों में आग धधक गई। आग फैलते हुए स्यालीधार के दूसरे छोर में केंद्रीय विद्यालय के पास जंगल में पहुंच गई। हालांकि बाद में अग्रिशमन विभाग के कर्मचारी फायर वाहन लेकर मौके पर पहुंचे और उन्होंने आग पर काबू पाया।