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Almora News: पांडेखोला के जंगल में धधकी आग

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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के जंगलों में आग का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस फायर सीजन आग से अब तक जंगलों में कई हेक्टेयर क्षेत्र में बहुमूल्य वन संपदा राख हो चुकी है। जंगलों के सुलगने से नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में धुंध छा गई है। सोमवार की दोपहर सीएमओ कार्यालय के पास पांडेखोला के जंगल में अचानक आग धधक गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। आग की लपटों के तेजी से सीएमओ आवास की ओर बढ़ने से वहां अफरातफरी मच गई। फायर सर्विस की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।
सोमवार की दोपहर 12:32 बजे फायर स्टेशन को पांडेखोला के जंगल में आग लगने की सूचना मिली थी। आग तेजी से सीएमओ आवास की ओर बढ़ रही थी। सूचना मिलने पर फायर सर्विस टीम ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। फायर कर्मियों ने आग पर पानी की बौछार कर इसे शांत किया। टीम को आग को पूरी तरह काबू करने में तीन घंटे का समय लगा। सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर ने बताया कि समय रहते आग को आबादी की ओर पहुंचने से पहले नियंत्रित कर लिया गया। इससे बढ़ा हादसा होने से टल गया। टीम में गिरीश धारियाल, योगेश शर्मा, प्रियांशु कुमार, चांदनी और आकांक्षा शामिल रहे।
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आबादी और सड़कों के किनारे तक पहुंच रही वनाग्नि



बागेश्वर। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक अनेक जंगल जल रहे हैं। आग से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं घाटी वाले क्षेत्र धुएं के आगोश में हैं। जंगल की आग आबादी और सड़कों तक पहुंच रही है। दमकलकर्मी और वन विभाग के कर्मचारियों की मशक्कत के बावजूद वनाग्नि का तांडव थम नहीं रहा है।



रविवार की रात जिला मुख्यालय के समीपवर्ती छतीना के जंगलों में आग लगी। पूरी रात जंगल जलता रहा। सुबह तक आग जंगल से बागेश्वर-कांडा मोटर मार्ग के किनारे तक पहुंच गई। सोमवार को सुबह से रेंजर श्याम सिंह करायत के नेतृत्व में कर्मचारी आग को काबू करने में जुटे थे लेकिन आग का दायरा बढ़ जाने के कारण सोमवार शाम तक आग को काबू नहीं किया जा सका। कर्मचारियों ने लाइन काटकर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया लेकिन जलते पेड़ोंं की आग को नहीं बुझा सकी। जंगल से उठ रहा धुआं पूरे नगर क्षेत्र में फैल गया। धुएं के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन विभाग के आंकड़ों की मानें तो अब तक 3.70 हेक्टेयर आरक्षित वन और 1.60 हेक्टेयर वन पंचायत आग की चपेट में आई है। हालांकि धरातल की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।


कांडा क्षेत्र में भी जल रहे जंगल
कांडा। कांडा तहसील मुख्यालय से सटे जंगलों में भी आग लगी है। अन्नपूर्णा से कांडा बाजार के बीच में जंगल की आग सड़क तक फैल रही है। कांडा बाजार से कांडा पड़ाव के बीच का जंगल भी भीषण आग की चपेट में है। आग लगने से सड़कों पर आवाजाही कर रहे वाहनों के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है।
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कोट
जंगलों में लगी आग को काबू करने के लिए कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं। वनों को आग के हवाले करने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी निरंतर चल रहा है। -आदित्य रत्न, डीएफओ, बागेश्वर

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