अल्मोड़ा। जिले के दूनागिरी क्षेत्र के रतखाल में अवैध रूप से गोशाला संचालित करने पर संबंधित पशुपालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी द्वाराहाट डाॅ. महेंद्र कुमार ने कोतवाली द्वाराहाट में तहरीर दी। उन्होंने कहा कि ब्लाक द्वाराहाट के गांव रतखाल में बहादुर सिंह निवासी रतखाल के बिना पंजीयन के अवैध गोशाला चलाने की सूचना उन्हें मिली। इसके क्रम में रविवार को उन्होंने उपरोक्त गोशाला का टीम में तैनात डाॅ. सरिता और स्टाफ के साथ निरीक्षण किया।
इस दौरान पाया गया कि गोशाला में ऊपरी स्थान हर सिंह के प्लाट में दो कमरों और टीन शेड में 73 गोवंश (11 नर और 62 मादा) तथा नीचे की गोशाला में 83 गोवंश (11 नर और 72 मादा पाई गई। जिनके रहने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। गोशाला में पशुओं के खाने की नाद और पानी पीने की नाद नहीं बनायी गई। ऊपर की गोशाला के एक कमरे में केवल 17 फीड ब्लाक और 10 साइलेज ब्लाक रखे पाए गए। भूसा स्टोर भी नहीं बनाया गया। न ही कहीं भूसा और हरा चारा रखा गया है। गोशाला में अधिकतर गाये चारे और खान-पान की कमी के कारण कमजोर हो गई हैं।
गोशाला के पास ऊपर और नीचे दोनों ओर कुछ पशु मृत होने के बाद दफनाए मिले। जबकि पशुपालक का कहना था कि 25-30 दिन पूर्व में पशुओं की सामान्य मृत्यु होने पर इन्हें दफनाया गया है। गोशाला को बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित करने पर पशुपालक बहादुर सिंह निवासी रतखाल के खिलाफ पशुक्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कोतवाल विनोद जोशी ने बताया कि मामले में संंबंधित पशुपालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ भावना कैंथोला ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।