पत्रकारों से बातचीत करतीं अभिनेत्री सोनल।
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फिल्मों के माध्यम से कॅरियर निर्माण की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन रंगमंच (थिएटर) के बगैर अभिनय की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती है। यह कहना है नवोदित सिने अभिनेत्री सोनल जोशी का। सोनल मूल रूप से यहां गरुड़ एंचर गांव की रहने वाली हैं, उनका कहना है कि युवाओं को थिएटर से जोड़ने के लिए वह देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यशालाएं आयोजित कर रही हैं। रानीखेत में 15 दिवसीय यह कार्यशाला 23 मई से शुरू होगी।
सोनल जोशी के पिता सेेवानिवृत्त कर्नल आरपी जोशी हैं। कर्नल जोशी वर्तमान में अल्मोड़ा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी हैं। सोनल की पढ़ाई बचपन से ही बाहर हुई है। एमबीए करने के बाद उन्होंने मुंबई के प्रख्यात वैरिजैन एक्टिंग स्कूल से अभिनय की बारीकियां सीखीं, थिएटर भी किया। फिल्म निर्माण, कहानी लेखन का भी उन्हें शौक है। वह डाक्यूमेंटरी और लघु फिल्म निर्माण का कार्य भी करती हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को फिल्मों में जाने से पहले थिएटर के गुर सीखने जरूरी हैं, थियेटर के माध्यम से अभिनय की बारीकियां सीखने के अलावा शारीरिक विकास भी होता है।
उन्होंने बताया कि 23 मई से यहां कैंट के बहुउद्देशीय हॉल में कार्यशाला होगी। इसमें 17 वर्ष आयु से ऊपर के युवा भाग ले सकते हैं। 15 दिनों तक इच्छुक युवाओं को अभिनय की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इस कार्यशाला को होमफार्म हेरीटेज के हिमांशु उपाध्याय भी सहयोग करेंगे। पूरी टीम फिल्म निर्माण की बारीकियां भी सिखाएगी।
शमिताभ सहित तमाम फिल्मों में कर चुकी हैं अभिनय
रानीखेत। सिने अभिनेत्री सोनल जोशी ने बताया कि अभी तक उन्होंने प्रख्यात सिने निदेशक तिग्मांशु धूलिया की साहब बीबी, गैंगस्टर, साहब, बीबी, गैंगस्टर रिटर्न और अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म शमिताभ में अभिनय कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि फिल्मों में जाने के लिए उन्हें घर से सपोर्ट नहीं मिला था, इसीलिए वह युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहती हैं।