तहसील क्षेत्र के गांवों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दिन दहाड़े पोखरी सुनाड़ी गांव में तेंदुआ पंद्रह वर्षीय लड़के पर झपट गया और उसे घायल कर दिया। परिजन उसे इलाज के लिए सोमेश्वर अस्पताल लाए हैं। इस घटना से गांव में दहशत व्याप्त है। पोखरी सुनाड़ी गांव में शाम 4:45 बजे विक्की कुमार (15) पुत्र नारायण राम अपने घर से कुछ दूरी पर जा रहा था। पास ही खंडहर से तेंदुआ निकला और विक्की पर झपट पड़ा।
उसके शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब तक तेंदुआ भाग निकला। तेंदुए ने विक्की के पीठ के अलावा बांयी आंख की भौं, माथे और बांए हाथ पर पंजे मार कर उसे घायल कर दिया। परिजन घायल विक्की को इलाज के लिए सोमेश्वर अस्पताल लाए। जहां डॉ. सुरेश चंद्र पाठक और डॉ. आनंद तिवारी ने विक्की का इलाज किया।
इलाज के बाद उसे घर भेज दिया। परिजनों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी है। रेंजर मनोज लोहनी का कहना है कि वन कर्मियों को मौके पर भेजा जा रहा है। इधर क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
मटेना, जिनखोला और पचना में तेंदुए का आतंक
विकास खंड मुख्यालय से लगे जिनखोला, मटेना और पचना में तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। तेंदुआ शाम होते ही आबादी में दिखाई दिखने से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पिंजड़े में कैद करने को कहा है। मटेना गांव निवासी लोकेश तिवारी ने बताया कि तेंदुए ने गांव की कटीली झाड़ियों में घर बना रखा है।
शाम होते ही तेंदुआ गांव के मुख्य मार्गों में हर रोज दिखाई देता है। तिवारी ने बताया कि वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए छह माह पूर्व गांव में पिंजरा लगाया था। जिससे विभाग ने हटा दिया है। पचना के क्षेपं सदस्य प्रकाश कोहली ने बताया तेंदुए को कैद करने के संबंध में वन विभाग को कई बार लिख दिया गया है। विभाग ने आज तक गांव में पिंजरा नहीं लगाया है। बिमोला के प्रधान हरी राम ने वन विभाग से तेंदुए के हमले से प्रभावित पशुपालकों को तत्काल मुआवजा देने को कहा है।