सिंचाई समस्या के समाधान की मांग को लेकर बरलगांव के ग्रामीणों ने शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पहले चरण में दो लोग आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इससे पूर्व ग्रामीणों ने जुलूस प्रदर्शन कर सिंचाई कार्यालय का घेराव किया। वार्ता को पहुंचे ईई को बैरंग लौटा दिया गया। सोमवार से आफिस में तालाबंदी का ऐलान किया है।
सिंचाई की समस्या से जूझ रहे बरलगांव के ग्रामीणों का पंप निर्माण के लिए आंदोलन तेज हो गया है।
छह दिन तक क्रमिक अनशन करने के बाद उन्होंने शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पहले चरण में खीमसिंह और प्रकाश थापा आमरण अनशन में बैठ गए हैं। उनके समर्थन में आनंद सिंह और तिलराम क्रमिक अनशन पर बैठे। इससे पूर्व ग्रामीणों ने सिंचाई कार्यालय का घेराव करते हुए नारेबाजी की। बाद में वार्ता को पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसएन सिंह को आंदोलनकारियों ने बैरंग लौटा दिया।
ईई ने आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की परंतु वे नहीं माने। प्रधान हीरासिंह थापा का कहना था कि उन्हें पंप निर्माण के लिए एनओसी चाहिए। इसके अलावा कोई बातचीत नहीं करना चाहते हैं। इस मौके पर एई डीएस बिष्ट तथा अपर सहायक अभियंता टीएस लटवाल आदि भी मौजूद थे।
प्रदर्शन में प्रधान हीरासिंह थापा, दयाल सिंह मेहरा, शारदा देवी, जिला पंचायत सदस्य शिव कुमार, आनंद नाथ, मोहन सिंह, हर्ष नाथ, आनंद सिंह, हेमा रावत, प्रकाश सिंह, खीमसिंह ,भगादेवी, आनंदी देवी, रामसिंह, गोविंद सिंह, रेखा देवी, तारा, निरज सिंह, जानकी, भगवती, पुष्पा, रेवती, हरीश सिंह, दुर्गासिंह, गोविंद बल्लभ, नरी राम, शंकर सिंह, माधो सिंह, ख्यालसिंह, चंदन सिंह, लीला, जानकी, मधुली, जमुना, राधा तथा मधुली देवी सहित भारी संख्या में लोग शामिल थे।